फाइनेंस डेस्क – अगर आप इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं और इसी बीच आपके इनबॉक्स में एक ईमेल आए जिसमें लिखा हो कि ₹60,000 का रिफंड मिलने वाला है — तो खुशी होना लाजिमी है।
लेकिन रुकिए… ज़रा सावधान हो जाइए!
कहीं ये फर्जी ईमेल तो नहीं?
क्या है मामला?
जैसे ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग का सीजन शुरू होता है, साइबर ठग एक्टिव हो जाते हैं। ये ठग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नाम से नकली ईमेल भेजते हैं और लोगों से उनकी पर्सनल जानकारी, जैसे कि बैंक डिटेल्स, पासवर्ड, OTP वगैरह मांगते हैं।
ईमेल में एक लिंक या अटैचमेंट भी होता है, जिस पर क्लिक करते ही
या तो आप फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं
या आपके डिवाइस में वायरस आ जाता है
PIB ने दी चेतावनी
सरकारी एजेंसी PIB (Press Information Bureau) ने साफ कहा है — ऐसा कोई भी ईमेल फर्जी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कभी भी इस तरह की ईमेल नहीं भेजता।
PIB ने लोगों को आगाह किया है —
ईमेल का जवाब न दें
अटैचमेंट न खोलें
लिंक पर क्लिक न करें
अपनी कोई जानकारी शेयर न करें
ऐसे दिखता है ये फर्जी ईमेल
ईमेल कुछ इस तरह से लिखा होता है:
“प्रिय करदाता,
यह आपके आयकर रिफंड के लिए एक आधिकारिक सूचना है। आपका रिफंड ₹60,000 है।
RBI और PMLA के नए नियमों के तहत, ₹25,000 से ज्यादा के रिफंड के लिए ‘मैनुअल वेरिफिकेशन’ जरूरी है। कृपया पुष्टि करें।”
ये भाषा सुनने में बहुत प्रोफेशनल लगती है, इसलिए बहुत लोग इसे असली मान लेते हैं।
ये है फिशिंग अटैक क्या?
फिशिंग एक तरीका है जिसमें साइबर ठग किसी सरकारी संस्था का नाम लेकर लोगों को धोखा देते हैं। वे फर्जी वेबसाइट बनाकर यूजर से पासवर्ड, बैंक डिटेल्स या OTP जैसी संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं।
क्या करें अगर ऐसा ईमेल मिले?
ईमेल का जवाब न दें
किसी लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें
webmanager@incometax.gov.in पर ईमेल की शिकायत भेजें
साथ में ईमेल का हेडर भी अटैच करें
फिर ईमेल को अपने इनबॉक्स से डिलीट कर दें
अगर ईमेल इनकम टैक्स से जुड़ा नहीं है, लेकिन फिर भी शक हो रहा है — तो incident@cert-in.org.in पर भेजें

