भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए 2023 बेहतरीन साल रहा है और रिकॉर्ड तोड़ बिक्री देखने को मिली है. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाला साल भी ऑटोमोबाइल के लिए स्वर्णिम साल होगा और बिक्री रिकॉर्ड तोड़ेगी। नए साल में कंपनियों का पूरा जोर इलेक्ट्रिक वाहनों पर है। 2023 में यात्री वाहनों की बिक्री का आंकड़ा 40 लाख यूनिट को पार करने की उम्मीद है। इसी उम्मीद में सभी वाहन निर्माताओं ने अपने वाहनों की कीमतें बढ़ाने की घोषणा की है। लेकिन इससे क्या बिक्री की वृद्धि पर असर पड़ सकता है? मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आरसी भार्गव की मानें तो ऐसा संभव है और इसीलिए वाहन बिक्री की रफ्तार ऐसी ही बनी रहे इसके लिए छोटी कारों पर खास ध्यान देने की जरूरत है।
मारुति सुजुकी की बात करें तो इस साल अप्रैल-अक्टूबर के दौरान कुल वाहन बिक्री में छोटी कारों की हिस्सेदारी 4 फीसद के करीब रही. जबकि 2018-19 में यह अनुपात 14 फीसदी के करीब था. भार्गव के मुताबिक उन्हें उद्योग की तुलना में अधिक वृद्धि की उम्मीद है, इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में भी सकारात्मक वृद्धि होगी। वहीँ ऑटोमोबाइल विनिर्माताओं के संगठन SIAM के MD राजेश मेनन के मुताबिक अगले साल ऑटोमोबाइल उद्योग का बिक्री परिदृश्य सकारात्मक रहेगा और वो इसका श्रेय इसका श्रेय सर्वांगीण आर्थिक विकास को देते हैं.
राजेश मेनन ने अगले साल ईवी सेगमेंट को मजबूती मिलने की उम्मीद जताते हुए कहा कि कुल वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी बढ़ती रहेगी. वाहन वितरकों के संगठन फाडा के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने अगले साल यात्री वाहन की बिक्री कम रहने की बात कही है। ऑटो कंपोनेंट उत्पादकों के संगठन ECMA की महानिदेशक विनी मेहता के मुताबिक ईवी पर फोकस होने के कारण ऑटो कंपोनेंट सेक्टर बदलाव के दौर से गुज़रेगा. 2023 SUV के लिए बढ़ती लोकप्रियता का साल रहा है और अगले साल भी इसके जारी रहने की उम्मीद है। हुंडई मोटर इंडिया के मुख्य परिचालन अधिकारी तरुण गर्ग ने नए साल में एसयूवी की बाजार हिस्सेदारी लगभग 49 प्रतिशत होने की उम्मीद जताई है और हुंडई के मामले में यह अनुपात 60 प्रतिशत होगा।

