पाकिस्तान ने सिंधु नदी में बहुत बड़ा सोने का भंडार खोज निकाला है। पाकिस्तान को इस खदान में इतना सोना मिला है कि यह देश की गरीबी को पल भर में खत्म कर सकता है। पाकिस्तानी रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने जो सोने का खजाना खोजा है उसकी कीमत 32.6 मीट्रिक टन आंकी गई है, जो करीब 600 अरब पाकिस्तानी रुपये है, यानी भारतीय करेंसी में यह 1,84,97 करोड़ रुपये के बराबर हो सकता है। हालांकि, पाकिस्तान ने अभी भी इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने सिंधु नदी में अरबों रुपये का सोने का भंडार खोज निकाला है। दरअसल, सिंधु नदी दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे लंबी नदियों में से एक है। टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने से यहां भारी मात्रा में सोना जमा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लेसर गोल्ड डिपॉजिट के नाम से जानी जाने वाली इस प्राकृतिक प्रक्रिया की वजह से नदी में कुछ जगहों पर भारी मात्रा में सोना जमा हो गया है।
अगर पाकिस्तान को 1,84,97 करोड़ रुपये का सोना मिलने की खबर सच साबित होती है, तो क्या यह देश की गरीबी दूर करने के लिए काफी है? 600 अरब पाकिस्तानी रुपये के अनुमानित मूल्य का यह खजाना पाकिस्तान की कुछ वित्तीय चुनौतियों को कम करने में मदद कर सकता है, जिसमें उसका कर्ज और कई जरूरी खर्च शामिल हैं। माना जा रहा है कि सोने के इस भंडार से सरकार को पर्याप्त राजस्व मिल सकता है और देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।
जानकारी के मुताबिक बलूचिस्तान में सोने की कई खदानें हैं। जहां रेको डिक खदान सोने और तांबे से भरी हुई है। बलूचिस्तान के चगाई जिले में पाई जाने वाली इस खदान में भी लाखों टन सोने का भंडार है। इस खदान को दुनिया की सबसे बड़ी खदानों में गिना जाता है। जहां सोने और तांबे का खनन होता है और यही वजह है कि चीन की नजर इस जगह पर है और वह खनन कर रहा है।

