जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 फीसदी रहने का जताया भरोसा
नई दिल्ली: आर्थिक सुस्ती की खबरों के बीच मोदी सरकार ने आज साल 2019-2020 का आर्थिक सर्वेक्षण लोकसभा में पेश किया| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश इस इकनोमिक सर्वे में वित्त वर्ष 2020-21 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ 6 से 6.5 फीसदी रहने का भरोसा जताया गया है। फिलहाल वित्त वर्ष 2019-20 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 5 फीसदी है। वहीं, इससे पिछले वित्त वर्ष के दौरान 6.8 फीसदी था। बता दें सरकार के आर्थिक सर्वेक्षण पर पूरे देश की नजर है, क्योंकि बीते कुछ समय से ऐसा कहा जा रहा है कि देश में आर्थिक सुस्ती जैसे हालात हैं।
सर्वे के अनुसारसरकार को चुनाव में मिले जनादेश का इस्तेमाल करते हुए आर्थिक सुधार की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए| भारतीय अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो मंदी है उसका बुरा असर पड़ा है| इस साल के पहली दो तिमाही में आर्थिक विकास दर में गिरावट हुई है लेकिन साल के दूसरे हिस्से में अर्थव्यवस्था में सुधार की संभावना है| उम्मीद है कि 2019-2020 के दूसरे हिस्से में अर्थव्यवस्था में सुधार दर्ज होगा| इसके साथ ही नया कारोबार शुरू करने, संपत्ति पंजीकरण, कर भुगतान और अनुबंधों के प्रवर्तन को सुगम करने के लिए उपायों की जरूरत बताई गई है| आर्थिक समीक्षा में सरकारी बैंकों की संचालन व्यवस्था में सुधार और भरोसा कायम करने के लिए और अधिक सूचनाएं सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करने पर जोर देने के लिए कहा गया है|
पिछले साल जुलाई में चालू वित्त वर्ष का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को 2024 तक पांच ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए आर्थिक विकास दर आठ-नौ फीसदी के बीच रहना आवश्यक है। ऐसे में मौजूदा िवकास दर को देखते हुए यह लक्ष्य हासिल करना बहुत मुश्किल दिखाई देता है।
सर्वे में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में गवर्नेंस सुधार पर जोर दिया गया है और ज्यादा सूचनाएं सार्वजनिक करने की बात कही गई है। इसमें बैंकिंग सेक्टर की समस्या पर विस्तार से चर्चा की है। सर्वे में बाजार और अर्थव्यवस्था की सहूलियत के लिए दस नए आइडियाज पर काम करने पर जोर दिया है।
सर्वे के अनुसार प्याज जैसी खाद्य वस्तुओं के मूल्य में स्थिरता लाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप अप्रभावी प्रतीत होते हैं। दो वॉल्यूम वाले आर्थिक सर्वे की प्रतियां इस साल बैंगनी रंग में छापी गई हैं। देश में प्रचलित 100 रुपये का करेंसी नोट इसी रंग का है।

