पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ इंडिया ने 3 अगस्त को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,702.7 करोड़ रुपये की वृद्धि दर्ज की, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,551 करोड़ रुपये था।
बैंक की मुख्य आय का एक महत्वपूर्ण संकेतक, शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 6.1 प्रतिशत बढ़कर 6,275.8 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 5,914 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक की गैर-ब्याज आय 11 प्रतिशत घटकर 1,302 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 1,462 करोड़ रुपये थी।
परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में, बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) अनुपात में गिरावट दर्ज की, जो कि पहली तिमाही में 4.62% रही, जबकि पिछली तिमाही में यह 4.98% थी। शुद्ध एनपीए अनुपात में भी सुधार हुआ, जो तिमाही-दर-तिमाही 1.22% से घटकर 0.99% हो गया।
इसके प्रावधान और आकस्मिकताएं एक साल पहले की अवधि में 824 करोड़ रुपये के मुकाबले 38% कम होकर 1,293 करोड़ रुपये हो गईं। इसमें से, गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों के लिए प्रावधान एक साल पहले की अवधि में 776 करोड़ रुपये के मुकाबले 1,215 करोड़ रुपये थे।
बैंक द्वारा जारी की गयी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रावधान कवरेज अनुपात (पीसीआर) में सालाना आधार पर 62 आधार अंकों (बीपीएस) का सुधार हुआ। 30 जून, 2024 तक सरकारी स्वामित्व वाले बैंक का पीसीआर 92.11 प्रतिशत रहा, जबकि 31 मार्च, 2024 तक यह 90.59 प्रतिशत था।

