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    बजट 2020 से हमारे लिए क्या उम्मीदें हैं?

    Finance KhabarBy Finance KhabarJanuary 30, 2020Updated:January 30, 2020No Comments5 Mins Read
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    budget 2020 - Image Finance Khabar
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    दो दिन बाद  केंद्रीय बजट-2020 प्रस्तुत किया जाने वाला है और इससे लोगों को काफी उम्मीदें हैं, इच्छा-सूची में कई मद शामिल हैं और 1 फरवरी, 2020 को संसद में वित्तमंत्री द्वारा बजट में प्रस्तुत की जाने वाली बातों पर सभी की निगाहें टिकी होंगी। हालांकि लोग विदेश यात्रा के लिए एलटीए से लेकर दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ में राहत की आस लगाए बैठे हैं, और उम्मीद की जा रही है कि इस बार वित्तमंत्री आयकर की सीमा एवं दरों में बदलाव करके पूंजी की तरलता को विनियमित कर सकती हैं। नगद राशि की अधिक उपलब्धता के साथ, आप जोखिम उठाने की अपनी क्षमता के अनुरूप फिक्स्ड डिपॉजिट, इक्विटी, म्यूचुअल फंड या मासिक निवेश योजनाओं में अपनी अतिरिक्त जमा-पूंजी के निवेश पर विचार कर सकते हैं। चाहे जो भी हो, बजट-2020 का लक्ष्य वर्तमान में लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को नया जीवन देना है, और इसलिए राजकोषीय नीतियों के संदर्भ में कुछ सशक्त कदम उठाए जाने की उम्मीद कर सकते हैं। यहां बजट-2020 के संदर्भ में 7 उम्मीदों पर विचार किया गया है।

    आवास योजनाओं के लिए कर में अतिरिक्त लाभ

    इस बार के बजट में आवास सबसे अहम क्षेत्रों में से एक है जिस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, और पिछले बजट में वित्तमंत्री ने 45 लाख रुपये से कम कीमत वाले घरों के लिए होम लोन पर भुगतान किए गए ब्याज़ पर कर में 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त छूट दी थी। उम्मीद की जा रही है कि बजट 2020 में इस सीमा को बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया जाएगा। इसी तरह, एक से अधिक संपत्ति के मामले में, हाउसिंग लोन पर ब्याज़ में कटौती की सीमा बढ़ाई जा सकती है।

    उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कमी

    खपत को प्रोत्साहन देने तथा मांग को बढ़ाने के उद्देश्य से इस बार वित्त मंत्री जीएसटी की दरों में कटौती कर सकती हैं, और इस तरह आम आदमी की क्रय-शक्ति में सुधार होगा। अगर दैनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं पर जीएसटी की दरों में कटौती होती है, तो यह आदर्श स्थिति होगी। हालांकि, ऑटोमोबाइल सहित सभी क्षेत्रों में कर में राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है, तथा 18% से 28% के बीच के दायरे में आने वाली सभी वस्तुओं पर एक दर लागू की जा सकती है।

    उपभोक्ता मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के तरीके लागू किए जाने की संभावना

    दैनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली सब्जियों, ख़ासतौर पर प्याज़ की क़ीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी की आँखों से आँसू निकल रहे हैं, इसलिए उपभोक्ता मुद्रास्फीति को कम करने के उपायों को लागू किए जाने की संभावना काफी अधिक है। 7.5% के आस-पास की मुद्रास्फीति की दर को बहुत अधिक माना जाता है, तथा तुलनात्मक रूप से आमदनी में बढ़ोतरी नहीं होने के कारण उपभोक्ता इसकी चुभन महसूस करने के लिए बाध्य हैं।

    विनिर्माण, भवन-निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के रूप-रेखा की तैयारी

    सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 के दौरान विनिर्माण और भवन-निर्माण के क्षेत्र में क्रमशः 2% और 3.2% की अत्यंत धीमी दर से वृद्धि होगी। कई लोग उम्मीद कर रहे हैं कि, घाटे को कम करने के लिए बजट में इस क्षेत्र को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसी तरह, दिसंबर 2019 में सरकार ने 102 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा की है, और लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इसमें रेलवे, बिजली क्षेत्र, ग्रामीण विद्युतीकरण, स्वास्थ्य और किफायती आवास क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं की हिस्सेदारी कितनी होगी।

    लोन पर ब्याज़ दरों में कमी

    2019 में ही, RBI ने रेपो रेट में 5 बार कटौती की और इसे 5.15% के बेहद सामान्य स्तर पर ला दिया। हालांकि, यह कटौती अनिवार्य रूप से उपभोक्ताओं के स्तर तक नहीं पहुंच पाई है और निजी क्षेत्र के बैंकों में लोन पर लिया जाने वाला ब्याज़ दर अभी भी अधिक है। रेपो रेट में लगभग 1% की कटौती होना अभी बाकी है और यह सुनिश्चित करने के उपायों से खपत को बढ़ावा मिलेगा। अब सिर्फ यही देखना है कि केंद्रीय बजट 2020 में इस समस्या को संबोधित किया जाता है या नहीं।

    धारा 80C के तहत कटौती की सीमा में बढ़ोतरी

    व्यक्तिगत बचत की बात की जाए, तो इसमें धारा 80C के तहत कटौती की सबसे अहम भूमिका होती है और लोगों के बीच चर्चा है कि इस बार वित्तमंत्री कटौती की सीमा को 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 या 3 लाख रुपये कर देंगी। धारा 80C से आम जनता को कर भुगतान पर बचत करने में मदद मिलती है, और इसकी सीमा आख़िरी बार वर्ष 2014 में बढ़ाई गई थी। इसमें बढ़ोतरी से निवेश तथा सार्वजनिक बचत को प्रोत्साहन मिलेगा।

    व्यक्तिगत आयकर में छूट की सीमा में बढ़ोतरी

    संभवतः इस बार के बजट में व्यक्तिगत आयकर स्लैब दरों में राहत की घोषणा का लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। देश के हर समुदाय में आयकर में छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किए जाने के साथ-साथ अन्य स्लैब से संबंधित दरों में कमी की चर्चाएं जोरों पर हैं। उदाहरण के लिए, जिनकी आय 5 लाख रुपये से अधिक है और 10 लाख रुपये से कम है, उनके लिए यह दर 20% से घटाकर 10% किए जाने की उम्मीद की जा रही है। कर में संशोधन किए जाने से आम जनता के हाथों में अधिक पैसा रहेगा तथा अतिरिक्त धनराशि की बचत होगी, और इस तरह आप भविष्य के लिए अधिक राशि खर्च करने और बड़ी मात्रा में निवेश करने में सक्षम होंगे। 

    हालांकि, बजट 2020 से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव अपरिहार्य है। इसलिए, आप अपनी अतिरिक्त जमा पूंजी की बचत के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने पर विचार कर सकते हैं। FD कैलकुलेटर की मदद से, समय से पहले ही अपने निवेश की योजना बनाना सबसे बेहतर होता है, ताकि निवेश करने से पहले ही आप यह समझ सकें कि भविष्य में आपको क्या हासिल होने वाला है।

    Budget 2020
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