नयी दिल्ली: यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की योजना इंडियाफर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस में हिस्सेदारी घटाकर 10 प्रतिशत से कम करने की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। सरकार के द्वारा बैंकों के वृहद स्तर पर किये गये विलय के कारण यूनियन बैंक आफ इंडिया को इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त हुई है।
यूनियन बैंक को यह हिस्सेदारी आंध्र बैंक का विलय होने के कारण मिली है। यह विलय एक अप्रैल से प्रभावी हो गया है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के दिशानिर्देशों के अनुसार, एक प्रवर्तक दो बीमा उपक्रमों में एक साथ 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकता है। यूनियन बैंक के पास स्टार यूनियन दाई-इची लाइफ इंश्योरेंस में 25.10 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
इस संयुक्त उपक्रम में अन्य साझेदार बैंक ऑफ इंडिया और जापान के दाई-इची लाइफ होल्डिंग्स हैं। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राजकिरण राय जी ने कहा, “हम पूर्व आंध्र बैंक द्वारा हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से नीचे लाने की शुरू की गई प्रक्रिया को जारी रखेंगे।” आंध्र बैंक ने हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया पिछले साल शुरू की थी।

