शीर्ष रेटिंग एजेंसियों के अनुसार, अगले 12 महीनों में सूचकांक नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज के अनुसार, अगले एक साल में सेंसेक्स 82,000 अंक तक पहुंच सकता है। एक तरफ विदेशी फंड शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ खुदरा निवेशक भी जमकर निवेश कर रहे हैं। मूडीज की हाल ही में जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि एनडीए के दोबारा चुनाव जीतने से बाजार को होने वाला मुख्य लाभ “नीतिगत पूर्वानुमान है, जिसका असर आने वाले पांच सालों में विकास और इक्विटी रिटर्न पर पड़ेगा।”
रिपोर्ट में कहा गया है बाजार आगे structural reforms की उम्मीद कर सकता है, जिससे हमें इनकम साइकिल में और अधिक विश्वास मिलेगा। वास्तविक दरों के सापेक्ष GDP वृद्धि में वृद्धि के साथ मैक्रो स्थिरता उभरते बाजार इक्विटी के मुकाबले भारत के बेहतर प्रदर्शन को बढ़ावा देगी।” मूडीज के अनुसार, भारत का शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, और अब इस बात पर बहस चल रही है कि बाजार को और ऊपर कैसे ले जाया जा सकता है।
मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के बाद अगले पांच वर्षों में अधिक positive structural reforms देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, भारत ने हांगकांग से चौथे सबसे बड़े वैश्विक इक्विटी बाजार का टैग वापस ले लिया है। देश का मार्किट कैप 10 प्रतिशत बढ़कर 5.2 ट्रिलियन डॉलर हो गया। जबकि हांगकांग के शेयर बाजार का मार्किट कैप 5.17 ट्रिलियन डॉलर है, जो इस साल के 5.47 ट्रिलियन डॉलर के हाई लेवल से 5.4 प्रतिशत कम है। वैश्विक विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशक अब लिक्विडिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं और भारतीय शेयर बाजार को नजरअंदाज नहीं कर सकते, जो रिटेल इन्वेस्टर के साथ तेजी से बढ़ रहा है।

