बाजार नियामक सेबी ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से जुटाई गई राशि के दुरुपयोग को लेकर बिड़ला पैसेफिक मेडस्पा लि., यशोवर्धन बिड़ला और आठ अन्य को सिक्युरिटीज मार्केट में किसी प्रकार की खरीद-बिक्री को लेकर दो साल के लिये प्रतिबंधित कर दिया है. बिड़ला पैसेफिक मेडस्पा लि. (BPMLA) मार्च 2011 में सार्वजनिक निर्गम को लेकर पेशकश दस्तावेज लाई थी. कंपनी का 65 करोड़ रुपये का आईपीओ जून 2011 में आया था. बाजार नियामक ने पाया कि कंपनी ने आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि के उपयोग के उद्देश्य के संदर्भ में विवरण पुस्तिका में गलत जानकारी दी थी.
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने कहा कि पेशकश दस्तावेज में आईपीओ से प्राप्त राशि में से करीब 75 फीसदी का उपयोग एवाल्व मेडस्पा सेंटर स्थापित करने में किया जाना था. लेकिन इस प्रकार का कोई केंद्र स्थापित नहीं किया गया. दस्तावेज में इस प्रकार के 15 केंद्रों को मार्च 2012 तक स्थापित करने का वादा किया गया था लेकिन उस समय तक एक भी केंद्र स्थापित नहीं किया गया.
सेबी के अनुसार, इसके उलट आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का 50 फीसदी (31.54 करोड़ रुपये) समूह की कंपनियों में अंतर-कंपनी जमा (ICD के रूप में डाल दिया गया. इसमें से 60 फीसदी आईसीडी कंपनी को लौटा ही नहीं. यह पेशकश दस्तावेज में आईपीओ लाने के मकसद के खिलाफ था. दस्तावेज में अंतरिम तौर पर राशि तुंरत भुनाने वाले उत्पादों (लिक्वंड उत्पाद) में लगाने की मंजूरी दी गई थी. इसमें आईसीडी में पैसा लगाने की बात बिल्कुल नहीं थी.

