नई दिल्ली: YES BANK को बचाने और ग्राहकों का भरोसा कायम रखने के लिए RBI बड़ा कदम उठा सकता है। जानकारी के अनुसार YES BANK को RBI urgent फाइनेंशियल सपोर्ट के तौर पर 8 से 10 हजार करोड़ रुपये दे सकता है। सूत्रो के मुताबिक YES BANK में नकदी का संकट दूर करने के RBI सेक्शन 17 के तहत यह रकम कर्ज के रूप में दे सकता है। इस रकम पर ब्याज मौजूदा दर से कम वसूला जा सकता है जिससे बैंक पर भार न आए।
इस बीच YES BANK के लिए RBI के रिवाइवल प्लान पर एक कदम चलते हुए आज SBI ने अपना एक्शन प्लान पब्लिक किया। बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और यस बैंक के डिपॉजिटर्स को ये भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है। SBI यस बैंक में बतौर निवेशक शामिल होगा और दूसरों को भी शामिल करेगा। उन्होंने बताया कि बैंक के टीयर वन बॉन्ड राइट ऑफ किए जाएंगे। YES BANK में SBI 2450 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करेगा। SBI अपना एक्शन प्लान सोमवार को RBI को सौंपेगा। SBI के साथ को-इन्वेस्टर भी बनाया जा सकता है। YES BANK के TIER ONE बॉन्ड राइट ऑफ किए जाएंगे।
उधर सरकार ने कल यस बैंक संकट के समाधान का रोडमैप पेश कर दिया है। वित्त मंत्री ने खुद सामने आकर पूरा प्लान लोगों के सामने रखा और ये भरोसा दिया कि लोगों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है। मोरेटोरियम पीरियड यानि 3 अप्रैल तक मामला सलटा लिया जाएगा। प्लान के मुताबिक यस बैंक का पुनर्गठन किया जाएगा। यस बैंक के रिवाइवल का जिम्मा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सौंपा गया है। बैंक को कैपिटल मिलेगा और SBI बैंक में 49 फीसदी तक इक्विटी खरीदेगा। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद यस बैंक में नए बोर्ड का गठन होगा जिसमें SBI और RBI के सदस्य भी होंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने भरोसा दिलाया है कि YES BANK में डिपॉजिटर्स का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है।

