देश के 9 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान सालाना 21 फीसदी घटने का अनुमान है। प्रॉपइक्विटी की रिपोर्ट के मुताबिक जानकारों का कहना है कि घरों की मांग में गिरावट का कारण प्रॉपर्टी की आसमान छूती कीमतें हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में मुट्ठी भर निवेशकों के बल पर प्रॉपर्टी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है। जिसकी वजह से प्रॉपर्टी की कीमतें वास्तविक घर खरीदारों के बजट से बाहर हो गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रॉपर्टी बाजार में किफायती प्रोजेक्ट पूरी तरह खत्म हो गए हैं। अब 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले फ्लैट की बात करना बेकार है। प्रॉपइक्विटी ने भारत के प्रमुख नौ शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, नवी मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, ठाणे के बिक्री आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के अनुसार इन नौ शहरों में आवासीय संपत्तियों की कुल बिक्री पिछले साल की समान अवधि के 1,37,225 इकाइयों की तुलना में चालू तिमाही में घटकर 1,08,261 इकाई रहने की उम्मीद है।
हैदराबाद में घरों की बिक्री अक्टूबर-दिसंबर 2024 के दौरान 47 फीसदी घटकर 12,682 इकाई रहने की उम्मीद है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 24,044 इकाई थी। बेंगलुरु में बिक्री 17,276 इकाई से 13 फीसदी घटकर 14,957 इकाई रह सकती है. मुंबई में घरों की बिक्री 13,878 इकाइयों से 27 प्रतिशत घटकर 10,077 इकाई रहने की उम्मीद है। नवी मुंबई में घरों की बिक्री दिसंबर तिमाही के दौरान 8,607 इकाइयों से 13 प्रतिशत घटकर 7,478 इकाई रहने की उम्मीद है, जबकि ठाणे में 26,099 इकाइयों से 16 प्रतिशत घटकर 21,893 इकाई रहने की उम्मीद है।
कोलकाता में 5,653 इकाइयों से 33 प्रतिशत घटकर 3,763 इकाई रहने की उम्मीद है। पुणे में आवासीय संपत्ति की बिक्री 26,641 इकाइयों से 24 प्रतिशत घटकर 20,230 इकाई रह सकती है। प्रॉपइक्विटी के सीईओ समीर जसूजा ने कहा कि उच्च आधार प्रभाव के कारण सालाना आधार पर बिक्री में गिरावट आई है।

