Close Menu
    What's Hot

    ज़ीस्केलर और भारती एयरटेल ने देश में साइबर सुरक्षा और भरोसेमंद AI को बढ़ावा देने के लिए ‘AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर’ शुरू करने की घोषणा की

    February 21, 2026

    एयरटेल ने ‘OTP लीक से होने वाले फ्रॉड’ रोकने के लिए नया AI-आधारित सुरक्षा फीचर लॉन्च किया

    February 11, 2026

    हाफले इंडिया ने गुरुग्राम में अपने अब तक के सबसे बड़े फ्लैगशिप डिज़ाइन सेंटर का उद्घाटन किया

    February 6, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    • होम
    • फिक्स्ड डिपॉजिट
    • पर्सनल लोन
    • होम लोन
    • म्युचुअल फंड
    • इंश्योरेंस
    • क्रेडिट कार्ड
    • इक्विटीज
    • विलयन और अर्जन
    • स्टार्टअप
    • बैंक
    • अन्य
      • पी आर
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    Home»इंश्योरेंस»Budget 2025: निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं इंश्योरेंस सेक्टर की निगाहें
    इंश्योरेंस

    Budget 2025: निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं इंश्योरेंस सेक्टर की निगाहें

    News DeskBy News DeskJanuary 25, 2025No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn Telegram Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp Email
    nirmala
    #image_title
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    इन्शुरन्स कंपनियों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री आगामी केंद्रीय बजट में उन्हें बीमा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के लिए रियायतों सहित कई कर लाभ देंगी। बता दें कि केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश होना है। बीमा कंपनियों की टॉप लीडरशिप का मानना है कि 2047 तक ‘सभी के लिए बीमा’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘बीमा सुगम’ जैसी पहलों को नियामक और आर्थिक समर्थन मिलने की उम्मीद है। बीमा प्लेटफॉर्म पॉलिसी बाजार और वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म पैसा बाजार ने बीमा क्षेत्र में धारा 80सी और 80डी के तहत टैक्स के नियमों में बदलाव की बात की।

    इनका कहना है कि बीमा क्षेत्र में सबसे जरूरी सुधारों में से एक धारा 80सी और 80डी के तहत कर नियमों में बदलाव की जरूरत है। वर्तमान में 80सी के तहत भुगतान की सीमा 1,50,000 रुपये है, जिसमें पिछले कुछ सालों से कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पीपीएफ और लोन जैसी अन्य जरूरी चीजें भी शामिल हैं, जिससे लोगों के पास अपने महत्वपूर्ण वित्तीय फैसले लेने की गुंजाइश कम हो जाती है। भारत की आर्थिक वृद्धि बीमा क्षेत्र के लिए वित्तीय मजबूती बढ़ाने के कई अवसर प्रस्तुत करती है। जीवन बीमा एन्युटी उत्पादों की कर कटौती को राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ एकीकृत करके और एन्युटी उत्पादों के मूल घटक पर कर के मुद्दे को हल करके, सेवानिवृत्ति आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सकता है।

    भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, देश में बीमा पैठ 2023-24 में 3.7 प्रतिशत थी, जबकि 2022-23 में यह चार प्रतिशत थी। जीवन बीमा उद्योग की पहुंच 2022-23 में तीन प्रतिशत से मामूली रूप से घटकर 2023-24 के दौरान 2.8 प्रतिशत रह गई। गैर-जीवन बीमा उद्योग के संबंध में, 2023-24 के दौरान पहुंच एक प्रतिशत पर ही बनी रही।

    budget 2025 Insurance Nirmala
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    Previous Articleबिल गेट्स ने मस्क के डॉगकॉइन विजन का किया समर्थन
    Next Article केंद्र ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना शुरू की
    News Desk

    Related Posts

    1 अक्टूबर 2025 से कई नए नियम लागू, जानें क्या होगा असर

    September 30, 2025

    भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री नई ऊँचाइयों पर

    September 25, 2025

    नई कार ही नहीं, सेकेंड हैंड कार भी सस्ती – लेकिन लोन कैसे लें?

    September 23, 2025
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Top Posts
    वैश्विक स्तर पर पहलीबार,एयरटेलने36 करोड़ भारतीयों को एडोबी एक्सप्रेस प्रीमियम नि:शुल्क उपलब्ध कराया
    January 29, 2026
    गणतंत्र दिवस के लंबे अवकाश को और भी मनोरंजक बनाये
    January 18, 2026
    शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल कठिनाइयों से जूझ रहे बच्चों के लिए वरदान है डायनेमिक मूवमेंट इंटरवेंश्न थेरेपी
    January 18, 2026

    Subscribe to Updates

    Stay in the know with Finance Khabar! Never miss a beat when it comes to the latest in finance, investing, and personal finance tips.

    Thank you for choosing Finance Khabar as your go-to resource for all things finance. We're here to help you achieve financial success!

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Quick Links
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Term And Conditions
    Copyright © 2026 FINANCE KHABAR. All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.