बाज़ार के खराब माहौल को देखते हुए सरकार विनिवेश की रफ़्तार पर लगाम लगा सकती है और माहौल सुधरने पर इसपर आगे बढ़ेगी| इस दौरान वो बुनियादी प्रक्रिया जारी रखेगी । फिलहाल BPCL Disinvestment के लिए 8 हफ्ते का वक्त है। अगर हालात नहीं सुधरे तो सरकार के Disinvestment प्लान में और देरी संभव है। सूत्रों के मुताबिक सरकार अब बाजार का मूड सुधरने का इंतजार करेगी।
बता दें कि BPCL के Disinvestment के लिए EOI जारी हो चुका है। SCI और Concor का EOI आना अभी बाकी है। SAIL, COAL INDIA, IRCON, NMDC का OFS भी अभी बाकी है। हालांकि Disinvestment की बुनियादी प्रक्रिया जारी रहेगी। बाजार के हालात सुधरते ही Disinvestment प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
गौरतलब है कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी BPCL में विनिवेश के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने BPCL के लिए EOI जारी कर दिया है। आने वाले 2 मई तक EOI सबमिट किये जा सकते हैं। BPCL बिडिंग में हिस्सा लेने वाली कंपनी के पास कम से कम 10 बिलियन डॉलर का नेटवर्थ कि अनिवार्यता होगी। वहीं एक कंपनी के अलावा कंसोर्टियम भी बिडिंग प्रोसेस का हिस्सा हो सकता है। इसके लिए कंसोर्टियम के सदस्य के पास मिनिमम 1 बिलियन का नेटवर्थ होना चाहिए साथ ही कंसोर्टियम में लीड मेंबर की हिस्सेदारी कम से कम 40 फीसदी होनी चाहिए। EoI यानी Expression of Interest में विदेशी कंपनियां भी हिस्सा ले सकेंगी।

