आजकल की जीवनशैली की वजह से लगभग हर इंसान किसी न किसी हेल्थ प्रॉब्लम से परेशान है. भारत जैसे देश में इलाज एक मंहगा खर्च बनता जा रहा है ऐसे में लोगों में हेल्थ बीमा का चलन भी बढ़ रहा है, कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि पहले से ही मौजूदा बीमा राशि से कम राशि पर लोग दूसरी बार बीमा ले लेते हैं मगर उनके मन में यह सवाल है कि दोनों हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसियों पर एक साथ क्लेम लिया जा सकता है या नहीं। चलिए इसके बारे में हम आपको कुछ जानकारी देते हैं.
हेल्थ केयर काउंसिल पर क्लेम हासिल करने के दो तरीके हैं। पहला, अस्पताल में इलाज के बाद आप इन्सुरेंस कंपनी में बिल जमा कर क्लेम ले सकते हैं और दूसरा, जैसे ही आपकी अस्पताल में भर्ती होती है आपको कैशलेस क्लेम के लिए आवेदन करना होता है और जैसे ही आपका कैशलेस क्लेम रिप्लेसमेंट होता है आपको बीमा पॉलिसी का फायदा मिलना शुरू हो जाता है।
अब अगर आपने दो अलग-अलग कंपनियों से हेल्थ इन्सुरेंस ले रखा है तो आप अस्पताल में भर्ती पर कैशलेस क्लेम का लाभ सिर्फ एक पर उठा सकते हैं। दो अलग-अलग कंपनियों के हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसियों पर आपको एक साथ कैशलेस क्लेम का फायदा नहीं मिल सकता। वहीं अगर आपकी कंपनी के पास एक ही कंपनी की दो अलग-अलग बीमा पॉलिसी हैं तो इस बात को सेटल किया जायेगा कि बीमा पर एक साथ क्लेम किया जा सकता है या नहीं क्योंकि कई बार ऐसा देखा गया है कि इसे स्थिति को लेकर कंपनी के अलग-अलग नियम होते हैं। दो अलग-अलग हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसियां लेने से आपका बीमा प्रीमियम बढ़ जाता है और संकट की स्थिति में क्लेम लेने का समय समाप्त हो जाता है। इससे भी बेहतर यह है कि आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से वही स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी लें जिसमें आपको कैशलेस क्लेम के साथ-साथ अन्य सभी लाभ मिलते हों।

