निवेश करना जरूरी नहीं है बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि निवेश करना कहां है और कितना निवेश करना है, कितने समय के लिए करना है। इसका सीधा मतलब यह है कि हर निवेशक को अपना वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। जब आप वित्तीय लक्ष्य तय कर लेते हैं तो निवेश के बारे में निर्णय लेना आसान हो जाता है।
म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान एक बेहतर विकल्प है, जिसके जरिए आप छोटे-छोटे निवेश करके एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। एसआईपी के जरिए हर महीने एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश की जाती है। आप जब तक चाहें एसआईपी जारी रख सकते हैं। इसमें सुविधा यह है कि अब निवेश की रकम को समय-समय पर बढ़ाया जा सकता है. कई योजनाएं सिर्फ 500 रुपये से एसआईपी शुरू करने की सुविधा देती हैं। अगर 5 से 10 साल के रिटर्न पर नजर डालें तो कई ऐसी योजनाएं हैं जो सालाना 15 से 18 फीसदी की दर से रिटर्न दे रही हैं।
सुरक्षित और अच्छे रिटर्न के लिए पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं एक अच्छा विकल्प हैं। इसमें सरकार की सॉवरेन गारंटी होती है, यानी तय ब्याज के मुताबिक गारंटीशुदा रिटर्न मिलता है. डाकघर की विभिन्न योजनाओं में टाइम डिपॉजिट, मासिक आय योजना, राष्ट्र बचत योजना, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना, रिटर्निंग डिपॉजिट, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना और पीपीएफ शामिल हैं। इन पर 8.2 फीसदी तक सालाना ब्याज मिलता है.
बैंकों की बचत योजनाओं में पैसा जमा करना पैसा जमा करने का सबसे आसान तरीका माना जाता है। सेविंग अकाउंट, एफडी, आरडी, पीपीएफ जैसे बचत विकल्प हर बैंक में उपलब्ध हैं। इसके अलावा मौजूदा समय में स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा एक अहम जरूरत बनकर उभर रहा है। स्वास्थ्य बीमा बीमारी के कारण होने वाले भारी खर्चों को संभालकर आपको वित्तीय बोझ से बचाता है। इसकी मदद से आप पैसों की चिंता किए बिना अच्छा इलाज पा सकते हैं। जीवन बीमा व्यक्ति की मृत्यु के बाद उस पर निर्भर लोगों को कुछ वित्तीय राहत प्रदान करता है। कुछ जीवन बीमा पॉलिसियाँ जीवन कवर के साथ बचत और निवेश के माध्यम से रिटर्न प्राप्त करने का विकल्प प्रदान करती हैं।

