आज के कारोबार में बैंकिंग और आई टी शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स में लिस्टेड कंपनियों में पावर ग्रिड, नेस्ले, सन फार्मा, आईटीसी और इंडसइंड बैंक के शेयरों में तेजी रही। शेयर बाजार में लगातार गिरावट की वजह से निवेशकों को भारी नुकसान हो रहा है। आपको बता दें कि पिछले चार दिनों में निवेशकों को 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। 23 मई को जब बाजार बंद हुआ था, तब बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 4,20,22,635.90 करोड़ रुपये था, जो 29 मई को घटकर 4,15,09,990.13 करोड़ रुपये रह गया। इस तरह निवेशकों को करीब 5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बाजार में अस्थिरता का एक कारण विदेशी निवेशकों द्वारा की गई जबरदस्त बिकवाली है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मई में अब तक भारतीय बाजार से करीब 2.89 अरब डॉलर (24,082 करोड़ रुपये) निकाल लिए हैं। यह एशिया में विदेशी निवेशकों द्वारा निकाली गई सबसे बड़ी राशि है। वहीं, जनवरी 2024 के बाद यह सबसे बड़ा एफआईआई आउटफ्लो है। अगर यह ट्रेंड आगे भी जारी रहा तो बाजार में और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हांगकांग का हैंगसेंग और जापान का निक्केई नुकसान में रहे, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लाभ में रहा। मंगलवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ 84.40 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

