नई दिल्ली: कोरोना संकट के कारण अर्थव्यवस्था की बैंड बजी हुई है और इसमें सुधार लाने के लिए तमाम विकल्पों पर चर्चा की जा रही है। MSME एक ऐसा सेक्टर है जिसका जीडीपी में योगदान एक तिहाई से ज्यादा है और 11 करोड़ लोगों को रोजगार देता है, लेकिन लॉकडाउन के कारण इसकी हालत खराब है। इस सेक्टर को राहत देने के लिए सरकार 100 फीसदी क्रेडिट गारंटी लोन देने पर विचार कर रही है।
सरकार इस बात को भलीभांति जानती है कि जब तक इस सेक्टर में तेजी नहीं आएगी अर्थव्यवस्था में सुधार लाना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार एक प्रस्ताव तैयार की है जिसके मुताबिक, छोटे बिजनसमैन को 100 पर्सेंट सॉवरिन बैक्ड लोन मिलेगा। मतलब लोन की गारंटी खुद सरकार उठाएगी। यह जानकारी रॉयटर्स ने एक सूत्रों के हवाले से दी है।
मामले से जुड़े दो बैंकर्स ने बताया कि MSME को मिलने वाला लोन 25-100 फीसदी तक गारंटीड होगा जो बिजनस के आकार और नेचर ऑफ बिजनस पर निर्भर करेगा। स्मॉल बिजनस सरकार के लिए इसलिए जरूरी है क्योंकि जीडीपी में इसका योगदान एक चौथाई के करीब है और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल मिलाकर 50 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता है।

