देश के आठ प्रमुख शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान आवासीय संपत्ति की बिक्री में पांच फीसदी की गिरावट आई है। एक रियल एस्टेट ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ने मंगलवार को भारत के आवासीय बाजार पर रियल इनसाइट नामक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ने कहा कि आवासीय बिक्री में नए ऑफर में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण ऐसा हुआ।
खबर के मुताबिक जुलाई-सितंबर में कुल 96,544 इकाइयां बिकीं, जो 2023 में इसी अवधि के दौरान बेची गई 1,01,221 इकाइयों से पांच फीसदी कम है। समीक्षाधीन अवधि में प्रमुख आठ बाजारों में लॉन्च की गई नई आवासीय इकाइयों की संख्या सालाना आधार पर 25 फीसदी घटकर 91,863 इकाई रह गई, जो 1,23,080 इकाई थी। रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि मकान की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से सामर्थ्य प्रभावित हो रहा है। शीर्ष आठ शहरों में कीमतों में औसतन करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। आंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मकानों की बिक्री बढ़ी। बाकी सात प्रमुख शहरों में गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर के दौरान दिल्ली-एनसीआर में बिक्री सालाना आधार पर 29 फीसदी बढ़कर 10,098 इकाई हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 7,800 इकाई थी। हालांकि, अहमदाबाद में बिक्री 10,305 इकाई से नौ फीसदी घटकर 9,352 इकाई, बेंगलुरु में 12,588 इकाई से 11 फीसदी घटकर 11,160 इकाई, चेन्नई में 3,874 इकाई से आठ फीसदी घटकर 3,560 इकाई, हैदराबाद में 14,191 इकाई से 19 फीसदी घटकर 11,564 इकाई और कोलकाता में बिक्री 3,607 इकाई से 22 फीसदी घटकर 2,796 इकाई रह गई।
रेरा इंडिया के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और प्रॉपटाइगर डॉट कॉम के बिजनेस हेड विकास वधावन ने कहा कि बिक्री और नए ऑफर दोनों में साल-दर-साल गिरावट बढ़ती कीमतों पर बाजार की प्रतिक्रिया को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हम बाजार की गतिविधि में एक स्वस्थ मंदी देख रहे हैं, जो अंतिम उपयोगकर्ता के लिए फायदेमंद है क्योंकि यह स्थायी विकास लाता है। पिछली कुछ तिमाहियों में बड़े बाजारों के कुछ प्रमुख क्षेत्रों में कीमतों में तीन प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जिससे तत्काल खरीद निर्णय प्रभावित हुए हैं। हालांकि, वधावन को उम्मीद है कि खरीदार धीरे-धीरे नई मूल्य वास्तविकताओं के साथ समायोजित हो जाएंगे।

