मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस भारतीय मीडिया बिजनेस में सबसे बड़ी डील करने जा रही है. रिलायंस ने वॉल्ट डिज़नी के साथ विलय के लिए एक गैर-बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह विलय फरवरी 2024 तक पूरा हो सकता है. इस डील के बाद मुकेश अम्बानी का भारतीय मीडिया जगत पर एक तरह से एकाधिकार होने की बात कही जा रही है. इस विलय में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस को 51 फीसदी हिस्सेदारी मिलेगी. शेष 49 प्रतिशत हिस्सेदारी डिज़्नी की रहेगी, इस विलय में नकदी और स्टॉक दोनों शामिल हैं।
इस विलय के बाद RIL और वॉल्ट डिज़्नी भारत की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी बन जाएगी। ज़ी-सोनी, अमेज़न प्राइम और नेटफ्लिक्स से इसकी सीधी टक्कर होगी। वर्तमान में, रिलायंस इंडस्ट्रीज Viacom18 सहित कई एप्प के साथ मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में मौजूद है। इस मर्जर में जियो सिनेमा को भी शामिल किया गया है जिसके पास आईपीएल के ऑनलाइन प्रसारण अधिकार है। बता दें कि इस साल जनवरी की शुरुआत से ही डिज्नी अपने भारतीय कारोबार को बेचने या जॉइंट वेंचर के लिए एक भारतीय पार्टनर की तलाश कर रहा था। डिज़्नी के पास कई टीवी चैनलों के साथ हॉटस्टार नामक एक स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म भी है। मर्जर के बाद दोनों कम्पनियाँ मिलकर 1 से 1.5 अरब डॉलर का निवेश कर सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक इस विलय की घोषणा अगले महीने की शुरुआत में हो सकती है। विलय के प्रस्ताव के तहत किसी भी नकद और स्टॉक स्वैप लेनदेन के पूरा होने के बाद डिज़नी शायद भारतीय कंपनी में अल्पमत हिस्सेदारी ही रखेगी।

