एनारॉक की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में प्रॉपर्टी की मांग बनी रहेगी हालाँकि कीमतों में उस तरह इज़ाफ़ा नहीं होगा जिस तरह गुज़रे साल में हुआ था। एनारॉक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में पिछली तिमाही में घरों की बिक्री में 6% की कमी आई है, जो 65,625 से 61,900 पर आ गई है। जबकि इकाइयों की आपूर्ति 2023 में 36,735 से 44% बढ़कर 2024 में 53,000 हो गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2023 में औसत संपत्ति की कीमत लगभग 5,800 प्रति वर्ग फुट थी, जो 2024 के अंत तक 7,560 प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गई।
एनारॉक के विशेषज्ञों का कहना है कि 2024 में संपत्ति की कीमतों में चल रही तेजी 2025 में नहीं देखी जाएगी! इसके अन्य कारण कीमतों में लगातार वृद्धि, निर्माण की बढ़ती लागत और लंबे समय तक ब्याज दरों में स्थिरता हो सकते हैं। क्रेडाई पश्चिमी यूपी के सचिव दिनेश गुप्ता के मुताबिक रियल एस्टेट बाजार मांग और आपूर्ति के चक्र पर चलता है। उतार-चढ़ाव और स्थिरता का यह चलन इस सेक्टर के लिए कोई नई बात नहीं है। अक्सर ऐसा होता है कि जब प्रॉपर्टी के रेट लगातार बढ़ते रहते हैं, तो खरीदार और बिल्डर दोनों ही कुछ समय बाद वेट एंड वॉच की नीति अपना लेते हैं, ताकि बाजार में कुछ स्थिरता आए और उसी के अनुसार वे अपना अगला कदम तय करें।
रेनॉक्स ग्रुप का मानना है कि 2025 में नए प्रोजेक्ट की मांग बनी रहेगी, क्योंकि रेडी टू मूव के मुकाबले इनकी दरें नियंत्रित होंगी । लोग बड़ी सोसायटियों और पुरानी लोकेशन के अलावा नई लोकेशन और कॉन्सेप्ट वाली प्रोजेक्ट में अपने लिए घर खरीदना पसंद करेंगे। इरोज ग्रुप का कहना है कि बाजार में अच्छे रियल एस्टेट डेवलपर्स की मांग में कोई कमी नहीं है, क्योंकि उनका ट्रैक रिकॉर्ड पहले से बेहतर होता जा रहा है। ऐसे प्रमोटरों के लिए बाजार हमेशा से सकारात्मक रहा है क्योंकि वे संपत्ति की दरों में स्थिरता में विश्वास करते हैं जो बाजार को स्थिर रखने में मदद करता है। आरजी ग्रुप के अनुसार, “सकारात्मक और सहायक नीतियों के कारण, पुराने प्रोजेक्ट शुरू हो गए हैं, पंजीकरण शुरू हो गए हैं और प्रमोटरों द्वारा नए टावर और चरण लॉन्च किए जा रहे हैं। इससे आपूर्ति में वृद्धि होना निश्चित है और इसकी तुलना में मांग में भी वृद्धि हुई है और यह एक अच्छा संकेत है जो कीमतों को नियंत्रण में रखता है।

