नई दिल्ली: सरकार ने उत्पादन , रोजगार और निर्यात बढ़ाने के लिए अगले पांच साल के दौरान विनिर्माण उद्योग को दो लाख करोड़ रुपए का उत्पादन आधारित प्रोत्साहन पैकेज देने का फैसला किया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विनिर्माण उद्योग को दो लाख करोड रुपए का प्रोत्साहन देने के निर्णय से देश में रोजगार बढ़ेगा , उत्पादन में इजाफा होगा और निर्यात में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण उद्योग के दस क्षेत्रों को इस प्रोत्साहन पैकेज का लाभ मिलेगा . इनमें दूरसंचार, मोबाइल फोन उद्योग , विशिष्ट इस्पात , फार्मा , कपड़ा उद्योग , वाहन उद्योग, नवीनीकरण ऊर्जा उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग शामिल है।
उन्होंने बताया कि एडवांस केमिस्ट्री सेल को 18100 करोड़ों रुपए, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 5000 करोड़ रुपए, वाहन उद्योग को 57 हजार 42 करोड़ रुपये , फार्मा औषधि को 15000 करोड़ रुपए , दूरसंचार और नेटवर्किंग को 12195 करोड रूपये, कपड़ा उद्योग को 10 हजार 683 करोड रुपए, खाद्य उत्पाद को 10400 करोड रुपए, उच्च क्षमता सौर उत्पाद को 4500 करोड रुपए, एसी और एलईडी उत्पाद को 6238 करोड रुपए और विशिष्ट इस्पात उत्पादन को 6322 करोड रुपए मिलेंगे. इसके अलावा मोबाइल और अन्य उपकरण उत्पाद को 4251 करोड़ रुपए, औषधि तत्व को 6940 करोड रुपए और चिकित्सा उपकरण उत्पाद को 3720 करोड रुपए दिए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि प्रोत्साहन की राशि अगले पांच साल में खर्च की जाएगी और इससे विनिर्माण उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।

