Close Menu
    What's Hot

    जोधपुर में खुला हैमलीज़ का पहला स्टोर, अब ब्लू सिटी में मिलेगी खिलौनों की जादुई दुनिया

    September 12, 2026

    सामान्य मच्छर भागने वाले तेलों से अपनी त्वचा की सुरक्षा का समझौता न करे और सावधान रहे!

    September 11, 2026

    डाबर हाजमोला का नया अभियान: ‘मस्ती की पाठशाला’ से बच्चों में बढ़ेगी शारीरिक सक्रियता

    September 10, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    • होम
    • फिक्स्ड डिपॉजिट
    • पर्सनल लोन
    • होम लोन
    • म्युचुअल फंड
    • इंश्योरेंस
    • क्रेडिट कार्ड
    • इक्विटीज
    • विलयन और अर्जन
    • स्टार्टअप
    • बैंक
    • अन्य
      • पी आर
    फाइनेंस खबरफाइनेंस खबर
    Home»इंश्योरेंस»देश की सिर्फ 5 प्रतिशत आबादी के पास है बीमा
    इंश्योरेंस

    देश की सिर्फ 5 प्रतिशत आबादी के पास है बीमा

    Amit BishnoiBy Amit BishnoiDecember 15, 2023No Comments2 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn Telegram Pinterest Tumblr Reddit WhatsApp Email
    Only 5 percent of the country's population has insurance
    #image_title
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी की रिपोर्ट के मुताबिक देश की 95 फीसदी आबादी बीमाकृत नहीं है, है न ये हैरानी वाली बात। देश आज आज़ादी के 75 साल पूरे कर चूका है, अमृतकाल के दावे हो रहे हैं मगर अपने जीवन की सुरक्षा को लेकर लोगों में कोई जागरूकता नहीं है. ऐसा नहीं है कि बीमा कम्पनियाँ और सरकार बीमा को लेकर प्रचार प्रसार नहीं कर रही हैं लेकिन जब आंकड़े ये दर्शाते हों तो हैरानी स्वाभाविक है और कहीं न कहीं लोगों तक इन्शुरन्स को लेकर बात सही ढंग से नहीं पहुँच पा रही है. आज भी देश में गरीबों की संख्या भले ही ज़्यादा हो मगर संपन्न लोगों की संख्या भी काफी बड़ी है और साथ ही पढ़े लोगों की भी, तो आप ऐसा भी नहीं कह सकते कि इन्शुरन्स के बारे में लोगों में समझ नहीं है, तो फिर ऐसी क्या वजह है जो देश में सिर्फ 5 प्रतिशत लोग ही बीमाकृत हैं

    भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के मुताबिक IRDAI ने उद्योग जगत से इस बारे में मदद मांगी है और उन कदमों का पालन करने का आग्रह किया जिनसे UPI को बढ़ाने, बैंक खाते खोलने के साथ-साथ मोबाइल पहुंच बढ़ाने में मदद मिली है. IRDAI के मुताबिक उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में अनिवार्य प्राकृतिक आपदा बीमा की आवश्यकता है और इस रिपोर्ट में इसकी सिफारिश भी की गई है। सबके लिए बीमा का लक्ष्य हासिल करना है तो ऐसा करना जरूरी है.

    IRDAI की रिपोर्ट के मुताबिक144 करोड़ आबादी वाले देश में 95 फीसदी लोग बीमा के दायरे में नहीं हैं। देश में प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु संबंधी अन्य आपदाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, इस वृद्धि को देखते हुए बीमा पैठ बढ़ाना अहम है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि निम्न और मध्यम आय वर्ग के 84 प्रतिशत लोगों और तटीय क्षेत्रों, सेकंड और थर्ड टियर के शहरों में 77 प्रतिशत लोगों के पास बीमा का अभाव है। 73 प्रतिशत आबादी हेल्थ इन्शुरन्स के दायरे में नहीं है और इस दिशा में सरकार के साथ सभी को सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। देश में इस समय 34 जनरल और 24 लाइफ इन्शुरन्स कंपनियाँ एक्टिव हैं। बीमा सेक्टर 15-20% की रफ़्तार से बढ़ रहा है।

    Insurance IRDAI national insurance academy
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    Previous Articleदेश में बढ़ी प्रीमियम लग्ज़री आशियानों की मांग
    Next Article हफ्ते के आखिरी दिन भारतीय शेयर बाज़ार की शानदार शुरुआत
    Amit Bishnoi

    Related Posts

    भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री नई ऊँचाइयों पर

    September 25, 2025

    नई कार ही नहीं, सेकेंड हैंड कार भी सस्ती – लेकिन लोन कैसे लें?

    September 23, 2025

    पोस्ट ऑफिस आरडी स्कीम: छोटे निवेश से बड़ी बचत का सुरक्षित जरिया

    September 18, 2025
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Top Posts
    एम्वे ने आयुर्वेद में विस्तार के साथ ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को दिया समर्थन
    September 2, 2026
    एयरटेल पोस्टपेड ग्राहकों को मिर्जापुर: द मूवी के प्रीमियर में शामिल होने का खास मौका
    September 1, 2026
    सॉवरेन क्लाउड: भारत की डिजिटल सुरक्षा और विकास की नई जरूरत
    August 20, 2026

    Subscribe to Updates

    Stay in the know with Finance Khabar! Never miss a beat when it comes to the latest in finance, investing, and personal finance tips.

    Thank you for choosing Finance Khabar as your go-to resource for all things finance. We're here to help you achieve financial success!

    Facebook X (Twitter) Instagram
    Quick Links
    • About Us
    • Contact Us
    • Disclaimer
    • Privacy Policy
    • Term And Conditions
    Copyright © 2026 FINANCE KHABAR. All Rights Reserved

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.