आर्थिक मामलों की केंद्रीय समिति ने आज नेचुरल गैस मार्केटिंग रिफॉर्म्स को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में लिए गए यह फैसला गैस आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार की इस नीति का लक्ष्य गैस बिक्री की कीमतों को तय करने के लिए एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया का पालन करना है. इस नीति के तहत ई-बिडिंग के जरिए पारदर्शी तरीके से कीमतें तय की जाएंगी और इस नीति के आने से कारोबारी सुविधा बढ़ेगी. नई गाइडलाइंस गैस उत्पादन करने वाली कंपनियों पर लागू होगी और यह ऑयल गैस ब्लॉक से निकलने वाली गैस की कीमतों और मार्केटिंग पर लागू होगी.
सरकार की इस नीति के तहत संबंद्ध कंपनियां खुली, पारदर्शी और इलेक्ट्रॉनिक बिडिंग प्रक्रिया में हिस्सा लेंगी. इससे गैस मार्केट में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. सरकार ने दोबारा बिडिंग करने का भी प्रावधान अपनी नीति में रखा है. इस नीति के आने से उन ब्लॉक्स के फील्ड डेवलपमेंट प्लान्स (FDPs)को भी मार्केटिंग फ्रीडम मिलेगी जिसके लिए पहले ही से ही उत्पादन संबंधी सौदे के तहत प्राइसिंग फ्रीडम मिला है.

