मूडीज इंवेस्टर सर्विस ने चालू वित्त वर्ष 2020-21 के लिए भारत की ग्रोथ का अनुमान (-)10.6 फीसदी लगाया है. हालांकि इससे पहले उसका यह अनुमान -11.5 फीसदी था. मूडीज ने अपना अनुमान इसलिए बदला है क्योंकि भारत में इस समय मैनुफैक्चरिंग और रोजगार निर्माण को प्रमुखता दी जा रही है और लांग टर्म ग्रोथ पर फोकस बना हुआ है. पिछले हफ्ते केंद्र सरकार ने 2.7 लाख करोड़ का एक नया वित्तीय पैकेज जारी किया था. मूडीज के मुताबिक, केंद्र सरकार की पहल का लक्ष्य भारत में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर में प्रतिस्पर्धी माहौल को बढ़ाना और रोजगार का निर्माण है. इससे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश और कर्ज उपलब्धता बढ़ेगी और संकट में चल रहे सेक्टर्स को सहारा मिलेगा.
मूडीज ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए वास्तविक और महंगाई पर आधारित जीडीपी का अनुमान कम किया है और उनके अनुमान के मुताबिक चालू सत्र में भारत की जीडीपी 10.6 फीसदी की नकारात्मक ग्रोथ रहेगी. पहले यह अनुमान 11.5 फीसदी था. अगले वित्तीय वर्ष 20021-22 के लिए मूडीज ने अपना अनुमान सकारात्मक रखा है और अगले वित्तीय वर्ष में भारत की जीडीपी 10.8 फीसदी की दर से बढ़ेगी. पहले 10.6 फीसदी फीसदी की दर से बढ़ोतरी का अनुमान था. मूडीज के मुताबिक, भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ मीडियम टर्म में 6 फीसदी के आस-पास भी रह सकती है.

