हाल के दिनों में सरकारी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई है। म्यूचुअल फंड स्कीमों ने भी इसका भरपूर फायदा उठाया है. इससे सरकारी कंपनियों में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 7.58 फीसदी तक पहुंच गयी है. सरकारी कंपनियों में म्यूच्यूअल फंडों की हिस्सेदारी का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है. एक साल पहले तक इस सेक्टर में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 5.72 फीसदी थी.
एक रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूचुअल फंड की पहली पसंद एसबीआई, एनटीपीसी, कोल इंडिया, पावर ग्रिड, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और आरईसी रहे हैं। SBI के सबसे ज्यादा 105.88 करोड़ शेयर म्यूचुअल फंडों ने खरीदे हैं. इसके बाद एनटीपीसी के 179 करोड़ शेयर, कोल इंडिया के 65.05 करोड़ शेयर, पावर ग्रिड के 97.13 करोड़ शेयर और ओएनजीसी के 91.20 करोड़ शेयर इन फंडों ने खरीदे हैं।
जनवरी तक 41 म्यूचुअल फंड की 769 स्कीमों ने सरकारी कंपनियों में निवेश किया है. एक साल पहले तक यह आंकड़ा 692 स्कीम और 37 म्यूचुअल फंड तक सीमित था. जनवरी 2018 में म्यूचुअल फंडों ने करीब 45 सरकारी कंपनियों में निवेश किया था, लेकिन अब यह आंकड़ा 71 तक पहुंच गया है.
पिछले एक साल में सरकारी शेयरों में बंपर तेजी आई है. पिछले एक साल में सबसे बड़ी सरकारी कंपनी एलआईसी ने 74 फीसदी, एसबीआई ने 45 फीसदी, ओएनजीसी ने 78 फीसदी, एनटीपीसी ने 105 फीसदी, कोल इंडिया ने 104 फीसदी, इंडियन ऑल कॉर्पोरेशन ने 132 फीसदी, पावर ग्रिड ने 78 फीसदी, आईआरएफसी ने 78 फीसदी का रिटर्न दिया है. 456 फीसदी, एचएएल ने 132 फीसदी और पीएफसी ने 261 फीसदी का रिटर्न दिया है.

