भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का कल रात 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है।उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अंतिम सांस ली। मनमोहन सिंह ने राजनेता से ज्यादा एक कुशल अर्थशास्त्री के तौर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी सूझबूझ और समझदारी से न सिर्फ दिवालिया हो चुकी भारतीय अर्थव्यवस्था को बाहर निकाला बल्कि दुनिया के लिए उदारीकरण के दरवाजे खोले और भारत को दुनिया की आर्थिक महाशक्ति बनने का रास्ता साफ किया। उनकी आर्थिक नीतियों की वजह से न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी ।
लोगों को रोजगार के अवसर मिले और आमदनी बढ़ी। मनमोहन सिंह की नीतियों ने न सिर्फ भारत की आर्थिक स्थिति को सुधारने में मदद की, बल्कि सामाजिक और ढांचागत सुधारों में भी आमूलचूल बदलाव लाने का काम किया। आने वाली पीढ़ी मनमोहन सिंह को किन कामों के लिए याद रखेगी।
वित्त मंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने भारत की इकॉनमी को खोलने, प्राइवेटाइज़ेशन औरग्लोबलाइज़ेशन की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने एक्सपोइट-इम्पोर्ट नीति में सुधार किया और विदेशी इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया। इससे भारत में रोजगार के अवसर बढ़े और लोगों की आय में वृद्धि हुई।
मनमोहन सिंह की सरकार ने ही 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की शुरुआत की थी। इसका बड़ा असर आज देखने को मिल रहा है। मनमोहन सिंह की सरकार ने सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। मनमोहन सिंह ने 2008 में अमेरिका के साथ ऐतिहासिक भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत को वैश्विक परमाणु बाजार में प्रवेश करने और ऊर्जा संकट से निपटने में मदद मिली।
आधार योजना मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय नागरिक को एक विशिष्ट पहचान संख्या प्रदान करना था। मनमोहन सिंह सरकार ने बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया, जिससे सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिला। भारत ने उनके कार्यकाल के दौरान उच्च आर्थिक वृद्धि दर दर्ज की। 2004-2008 के बीच भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8% से अधिक थी।
मनमोहन सिंह सरकार ने महिलाओं को 33% आरक्षण प्रदान करने के लिए लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया। मनमोहन सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भारत निर्माण योजना शुरू की, जिसमें सड़क, बिजली और पानी की सुविधाओं पर जोर दिया गया। मनमोहन सिंह ने जननी सुरक्षा योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाएं शुरू कीं, जिससे मातृ स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ।

