नई दिल्ली: फरार शराब कारोबारी विजय माल्या को लंबे समय के बाद राहत भरी खबर मिली है। लंदन हाईकोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम की उस याचिका पर फिलहाल सुनवाई को स्थगित कर दिया है, जिसमें माल्या को बैंक्रप्ट घोषित करने की मांग की गई थी जिसके कि वे 1.15 अरब पाउंड के लोन की रिकवरी कर सकें।
लंदन हाईकोर्ट के इन्सॉल्वेंसी डिविजन के जज माइकल ब्रिग ने कहा कि माल्या का लोन सेटलमेंट प्रस्ताव फिलहाल कर्नाटक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में जब तक इन दोनों कोर्ट का फैसला नहीं आ जाता है उन्हें समय मिलना चाहिए।
जज ने अपने फैसले में कहा कि अभी बैंकों को इस कार्रवाई से तात्कालिक कोई फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। बैंक ऐसे समय में बैंक्रप्सी ऑर्डर की मांग कर रहे हैं जब भारत में इससे संबंधित मामले कोर्ट के सामने विचाराधीन हैं।

