लार्ज कैप म्यूचुअल फंड बीएसई 500 कंपनियों के मुनाफे में 68% और मार्केट कैप में 63% का योगदान देते हैं, जो भारत के बाजार पूंजीकरण के एक तिहाई के करीब है, यही वजह है कि लार्ज कैप म्यूचुअल फंड पर निवेशकों को सबसे ज़्यादा भरोसा रहता है। आंकड़े गवाह हैं कि लग कैप कंपनियों ने पिछले 25 वर्षों में 14 प्रतिशत से अधिक का चक्रवृद्धि रिटर्न दिया है और इन कंपनियों के आकार को देखते हुए वे अन्य इक्विटी परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में सबसे कम अस्थिर हैं।
बाजार के जानकारों को भी लार्ज कैप कंपनियों पर हमेशा भरोसा रहता है और वो अपने निवेश साल में लार्ज कैप फण्ड को प्राथमिकता देने की बात कहते है। इसकी वजह ये है कि लार्ज कैप कंपनियां छोटी चुनौतियों का प्रबंधन करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। वहीं स्मॉल और मिड-कैप शेयरों की तुलना में लार्ज कैप फिलहाल उचित वैल्यूएशन पर हैं। इसलिए उनका जोखिम-इनाम संतुलन काफी बेहतर है। वैश्विक फंडों द्वारा बड़े पैमाने पर खरीदारी, अच्छे मूल्यांकन और घरेलू राजनीतिक स्थिरता के कारण लार्ज कैप म्यूचुअल फंडों के लिए मजबूत रिटर्न को बढ़ावा मिला है, जिससे लार्ज कैप में खरीदारी को बढ़ावा मिला है। इनके प्रदर्शन पर नजर डालें तो निप्पॉन इंडिया लार्ज कैप फंड पिछले एक साल में 35% का बेहतरीन रिटर्न देकर लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह फंड पिछले 16 वर्षों से नंबर 1 स्थान पर है। बैंक ऑफ इंडिया, क्वांट, इनवेस्को और जेएम फाइनेंशियल के लार्ज कैप म्यूचुअल फंड ने भी इस दौरान अच्छा मुनाफा दिया है.
साल का अधिकांश समय डगआउट में बिताने के बाद, लार्ज कैप म्यूचुअल फंड शानदार प्रदर्शन के साथ मैदान पर वापस आ गए हैं। पिछला महीना दिसंबर जुलाई 2022 के बाद निफ्टी 50 के लिए सबसे अच्छा महीना साबित हुआ है। पिछले महीने एनएसई स्मॉल कैप इंडेक्स में जहां 6.4 फीसदी की तेजी आई, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स में करीब 8 फीसदी की तेजी आई। दिलचस्प बात यह है कि वैश्विक स्तर पर शीर्ष 100 कंपनियों की सूची में केवल तीन भारत से हैं।

