जिस दिन जेएसडब्ल्यू स्टील टाटा स्टील को पीछे छोड़कर सबसे बड़े स्टील मेकर का दर्जा हासिल किया उसी दिन यह एक और मामले में अपने इस सबसे करीब प्रतिद्वंदी के साथ एक और प्रतिस्पर्धा में शामिल हो गई है।
26 मार्च को सज्जन जिंदल के मालिकाना हक वाली जेएसडब्ल्यू स्टील ने सरकारी स्टील उत्पादक कंपनी नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट में हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल किया है। बता दें कि नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट ओडिशा के कलिंग नगर में स्थित है जो टाटा स्टील के प्लांट से सिर्फ 10 मिनट के ड्राइव पर है।
नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट में अधिग्रहण के दौड़ में टाटा स्टील और आर्सेलर मित्तल निपॉन स्टील इंडिया पहले से ही शामिल है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक वेदांता के मालिकाना हक वाली ESL Steel भी नीलाचल में हिस्सेदारी लेने की इच्छूक है। हालांकि जेएसडब्ल्यू स्टील ने इस खबर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
इंडस्ट्री से जुडे एक वरिष्ठ एक्जीक्यूटिव का कहना है कि जेएसडब्ल्यू स्टील कई डाउन स्ट्रीम एसेट के अधिग्रहण के फिराक में है। भूषण पावर और स्टील लिमिडेट से इसकी शुरुआत हुई है।

