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    Home»अन्य»उद्योग जगत ने वित्तमंत्री की घोषणाओं को सराहा
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    उद्योग जगत ने वित्तमंत्री की घोषणाओं को सराहा

    Finance KhabarBy Finance KhabarMarch 24, 2020No Comments2 Mins Read
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    नयी दिल्ली: भारतीय उद्योग जगत ने मंगलवार को कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने और जीएसटी रिटर्न भरने की समयसीमा को आगे बढ़ाने तथा दिवाला एवं रिण शोधन अक्षमता कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने की डिफाल्ट सीमा को बढ़ाने के कदमों से व्यावसायियों को विशेषतौर से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को काफी मदद मिलेगी।

    इस उपायों से उद्योगों को कोरोना वायरस से उपजे नकारात्मक प्रभाव से उबरने में भी सहारा मिलेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इन उपायों की घोषणा की। उद्योग जगत वित्त वर्ष की 31 मार्च को होने वाली समाप्ति और उससे पहले विभिन्न प्रकार के संवैधानिक और नियामकीय अनुपालनों के समय पर पूरा करने को लेकर पशोपेश में था।

    सरकार ने उद्योग जगत की इन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुये कई तरह की रियायत दी है। अब किसी भी बैंक की एटीएम से कितनी भी बार नकद राशि निकाली जा सकेगी। अगले तीन माह तक इस प्रकार के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। सरकार कोरोना वायरस से प्रभावित उद्योग एवं व्यापार जगत के लिये जल्द ही राहत पैकेज की भी घोषणा करेगी।

    वित्त मंत्री ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, ‘‘जीएसटी पर जुर्माना, विलंब शुल्क और ब्याज हटाने से उद्योगों को नकदी की तंगी से उबरने में मदद मिलेगी और वह इन कठिन दिनों से आगे निकल सकेंगे।’’ एसोचैम के अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि उद्योग जगत का ध्यान अब सरकार की तरफ से व्यापक आर्थिक राहत पैकेज दिये जाने की तरफ है।

    सरकार को संकट की इस घड़ी में उद्योगों को बैंकों के कर्ज भुगतान में चूक की स्थिति में कर्ज पुनर्गठन की एकबारगी सुविधा देनी चाहिये। यह उद्योग की सेहत ठीक रखने के लिये जरूरी है। डेलायट इंडिया के पार्टनर एम एस मणि ने कहा कि कि जीएसटी रिटर्न फाइल करने की समयसीमा के साथ ही ई- चालान और नये रिटर्न की समयसीमा आगे बढ़ाने की घोषणा से कारोबारियों को काफी राहत मिलेगी और सामान्य स्थिति होने पर वह अपनी गतिविधियां फिर से आगे बढ़ा सकेंगे। ईवाई के टैक्स पार्टनर अभिषेक जैन ने कहा कि सबका विश्वास योजना के तहत कर भुगतान के लिये समय सीमा को बढ़ाने की घोषणा स्वागत योग्य है। क्योंकि इस समय लॉकडाउन के दौरान कंपनियां को कोई भी भुगतान करने के लिये काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।

    Nirmala
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