नई दिल्ली। वाहन अधिनियम के बदलने और भारी भरकम जुर्माने की वजह से आजकल बाजार में गहमा-गहमी है। यदि आप चाहते हैं कि आप यातायात नियमों की वजह से आपकी जेब पर असर न पड़े तो समय से पहले ही अपने वाहन का इंश्योरेंस करवा लें। मोटर वाहन अधिनियम 2019 में संशोधन के बाद, यातायात के उल्लंघन के लिए दंड कई गुना बढ़ गया है।
किसी एक या अधिक यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले के लिए आपको वित्तीय झटका भारी हो सकता है और हजारों रुपये का भार एकदम से पड़ेगा। दोपहिया और कार मालिकों के लिए, वैध बीमा कागजात के बिना ड्राइविंग करने पर जुर्माना 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। ड्राइविंग करते समय, बीमा रिकॉर्ड अपने पास रखें और यदि यह समाप्त हो गया है, तो इसे जल्दी नवीनीकृत करना सुनिश्चित करें, खासकर 90 दिनों की समाप्ति से पहले। बिना लाइसेंस के वाहन चलाना अपराध है।
यदि नियत तारीख पर या उससे पहले प्रीमियम का भुगतान नहीं किया जाता है, तो एक पॉलिसी को लैप्स माना जाता है। ऐसे में बीमाकर्ता का कोई दायित्व नहीं होता है क्योकि एक बार बीमा कर देने के कुछ दिनों के बाद भी यह पूरी प्रक्रिया न होने की दशा में समाप्त हो जाता है और इस दशा में सरकारी नियमों के अनुसार किसी को सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति नहीं होती है जब तक कि मालिक के पास कम से कम तीसरे पक्ष का बीमा न हो। फिर भी, यदि आपकी कार या बाइक का बीमा समाप्त हो गया है, तो भी आप बीमा करवा सकते हैं। सामान्य बीमा कंपनी बीमा शर्तों को देने से इनकार नहीं कर सकती। फ्यूचर जेनरल इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनूप राउ ने बताया, ‘वाहन के पंजीकरण की वैधता तक वाहन का बीमा किया जा सकता है।’

