केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यों के वित्त मंत्रियों को ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाकर 12 प्रतिशत करने पर सलाह दी है। ‘फ्लेक्स फ्यूल’ वाहनों से मतलब ऐसे वाहनों से है जो एक से अधिक ईंधन पर चलते हैं। आमतौर पर ये वाहन पेट्रोल के साथ-साथ इथेनॉल या मेथनॉल मिश्रित पेट्रोल पर भी चलते हैं।
आईएफजीई के इंडिया बायो-एनर्जी एंड टेक एक्सपो को संबोधित करते हुए गडकरी ने यह भी कहा कि कच्चे तेल के आयात को कम करने और जैव ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। अगर जीएसटी घटाने पर सहमति बनती है तो फ्लेक्स-फ्यूल इंजन वाले वाहन सस्ते हो जाएंगे और इससे बिक्री बढ़ेगी। उन्होंने कहा, “हमें विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों से समर्थन की आवश्यकता है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुझे आश्वासन दिया है कि वह इस संबंध में सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों से बात करेंगी। गडकरी ने कहा, “मैंने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री से बैठक में भाग लेने और फ्लेक्स-फ्यूल इंजन कारों पर जीएसटी में कटौती का प्रस्ताव देने को कहा है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से ‘फ्लेक्स-फ्यूल’ वाहनों पर कर कम करने पर विचार करने का अनुरोध किया है।
वर्तमान में, हाइब्रिड सहित पेट्रोल इंजन वाहनों पर 28 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक वाहनों पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। गडकरी ने कहा, “आज बायो-फ्यूल सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं।” नितिन गडकरी के मुताबिक देश में बायो-फ्यूल की कीमत काफी कम है और इससे प्रदूषण भी नहीं होता। गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल उद्योग भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उद्योग है, इस उद्योग ने अब तक 4.5 करोड़ नौकरियां पैदा की हैं। यह वह उद्योग है जो राज्य और केंद्र सरकार को सबसे ज्यादा जीएसटी दे रहा है।”

