नई दिल्ली। भारत सरकार को एक के बाद एक लगातार कई झटके लग रहे हैं और इससे मोदी सरकार पर अब सवाल उठने लगे हैं। आपको बता दें कि जीडीपी दर में कमी और उसके बाद जीएसटी की वसूली में कमी और अब एक ऐसा झटका लगा है जिससे उबरने में मोदी सरकार को नाकों चने चबाने पड़ेंगे।
8 कोर सेक्टर्स की विकास दर की जुलाई माह की ग्रोथ में भारी कमी आई है। यह दर 7.3 से घटकर 2.1 फीसदी पर आ टपकी है। कोशिशों के बावजूद उद्योगों की वृद्धि दर में रफ्तार नहीं पकड़ आ रही है। यह आंकड़े जारी करते हुए सरकार ने मीडिया को जानकारी दी।
गौरतलब है कि जून माह में भी 8 प्रमुख उद्योगों की विकास दर घटकर 0.2 पर आ गई थी। यह कमी तेल और सीमेंट के कारोबार में आई कमी की वजह से बताई जा रही है। इन आठ प्रमुख उद्योगों में कोयला, क्रूड, ऑयल, नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइजर्स, स्टील, सीमेंट और इलेक्ट्रिसिटी आते हैं जिनकी कुल औद्योगिक उत्पादन में करीब 40 फीसद की हिस्सेदारी होती है।

