2020 में बीएसई सेंसेक्स में 14 फीसदी से ज्यादा तेजी आई है। इस साल सोने में 40 फीसदी से अधिक तेजी आई और अगस्त में इसकी कीमत 56000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। लेकिन इसके बाद से सोने की कीमत में गिरावट आई है और अभी यह 49000 से 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम की रेंज में है।
इस साल सोने के दाम में तगड़ी तेजी की वजह कोरोना वायरस रहा, जिसकी वजह से लोग निवेश का सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे थे। सोने में निवेश हमेशा से ही सुरक्षित रहा है। कोरोना की वजह से शेयर बाजार में लोगों ने निवेश कम कर दिया, क्योंकि शेयर बाजार में निवेश रिस्की होता है। इस साल जनवरी-फरवरी में तो सोना धीरे-धीरे बढ़ रहा था, लेकिन मार्च में भारत में कोरोना वायस की दस्तक के बाद इसने स्पीड पकड़ ली। अगस्त में इसका रेट 56000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच चुका था।
सोने की कीमत अगस्त में अपने चरम पर पहुंच गई थी लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आई है। इसमें गिरावट की वजह यह है कि अमीर निवेशक तुरंत पैसा बनाने के चक्कर में इक्विटीज का रुख कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नए साल में सोने में निवेश करने वालों को संयम दिखाना होगा और मनमाफिक रिटर्न पाने के लिए लंबे समय तक निवेश को होल्ड करके रखना होगा। इसकी वजह यह है कि वैक्सीनेशन के गति तेज होने के साथ ही शॉर्ट टर्म में सोने की कीमत में और गिरावट आ सकती है।

