मुंबई: बैंकों से जुड़े शीर्ष कार्यकारियों और विशेषज्ञों ने रिजर्व बैंक द्वारा रीपो रेट में 0.40 प्रतिशत की कटौती करने के निर्णय का शुक्रवार को स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस कदम से सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा। रिजर्व बैंक ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए शुक्रवार को रीपो दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती की। केंद्रीय बैंक ने कर्ज की किस्तें चुकाने में तीन महीने की और राहत दे दी। इसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 तक कर दिया। इसके साथ ही आरबीआई ने बैंकों के लिये कॉरपोरेट को कर्ज देने की सीमा उनकी नेटवर्थ के मौजूदा 25 प्रतिशत के स्तर से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दी है।
रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रीपो दर में 0.40 प्रतिशत की कटौती की गई है और यह दर अब चार प्रतिशत पर आ गई है, जो 2000 के बाद का इसका निचला स्तर है। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, ‘सरकार और आरबीआई का पूरा प्रयास अर्थव्यवस्था को वृद्धि की पटरी पर वापस लाना है। इसके साथ ही सरकार और रिजर्व बैंक का प्रयास उन चुनौतियों की पहचान करने का भी है, जिनके कारण उद्योगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रीपो दर में कमी, कर्ज की किस्तें चुकाने में राहत अवधि का विस्तार और कॉर्पोरेट कर्ज की सीमा में वृद्धि, ये सारे उपाय अर्थव्यवस्था को उबारने की दिशा में मददगार हैं।’
उन्होंने कहा कि ये सारे उपाय कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न व्यवधानों के कारण सामने आयी स्थिति की उचित प्रतिक्रिया है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जरीन दारूवाला ने कहा, ‘रिजर्व बैंक ने असाधारण प्रतिबद्धता के साथ कोविड-19 के खिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखा है। रीपो दर में नई कटौती, मोराटोरियम में विस्तार जैसे कदम अर्थव्यवस्था को अपेक्षित बल प्रदान करेंगे।’

