नयी दिल्ली: लॉकडाउन के दौरान बिक्री के लिये डिजिटल माध्यमों को अपनाने वाले खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि इस तरह से बिक्री में तेजी आयी है। उन्हें अनुमान है कि यह तेजी आगे भी बनी रहेगी क्योंकि पाबंदियों में ढील के बाद भी उपभोक्ता ऑनलाइन खरीदारी को तरजीह दे रहे हैं।
कई खुदरा विक्रेता पहले खाने-पीने तथा किराने के जरूरी सामान ही ऑनलाइन माध्यमों से बेच रहे थे, उन्होंने अब बाकी सामानों को भी ऑनलाइन उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है। वे अब कपड़े, उपकरण, और इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान आदि भी उपलब्ध करा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अब ऑनलाइन चैनल पारंपरिक खुदरा विक्रेताओं के लिये ‘अपरिहार्य’ बन गया है और स्थानीय किराना दुकानों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिये उन्हें इस चैनल को और आगे बढ़ाना होगा, जो अब लॉकडाउन अवधि के दौरान डिजिटल तकनीकों को अपनाकर और भी स्मार्ट हो रहे हैं।
ईवाई के पार्टनर एवं नेशनल लीडर (कंज्यूमर प्रोडक्ट्स एंड रिटेल) पिनाकिरंजन मिश्रा ने कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि रिटेलर्स ने लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन बिजनेस के लिए जो गति पकड़ी है, उसे भविष्य में बढ़ायेंगी।’’

