दिल्ली: लॉकडाउन की वजह से बुरी तरह प्रभावित लघु उद्योग को बचाने के लिए सरकार से 25,000 करोड़ रुपये के कोविड-19 डिस्ट्रेस फंड बनाने की मांग की गई है।
उद्योग जगत का कहना है कि सरकारी कंपनियां एवं विभाग लघु उद्यमियों के बकाये का भुगतान सात दिनों के अंदर करे, ताकि कर्मचारियों को वेतन दिया जा सके। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री द्वारा आज कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर एक रिपोर्ट कोविड-19 ‘रिकमेंडेशन ऑन ट्रेड, इंडस्ट्री ऐंड इकॉनमी टू द गवर्नमेंट’ में सरकार को कई सुझाव दिए गए हैं।
पीएचडी के अध्यक्ष डी. के. अग्रवाल का कहना है कि इस रिपोर्ट में व्यापार, उद्योग और अर्थव्यवस्था के बारे में सिफारिशें दी गई हैं, जिन पर सरकार को विचार करना चाहिए।

