सरकार ने मंगलवार को माइक्रो इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए नया BIS लाइसेंस हासिल करने की सालाना मार्किंग फीस को 50 फीसदी तक घटा दिया है. उसने यह भी कहा कि BIS की सेवाएं अब सभी लोगों के लिए मुफ्त उपलब्ध की जाती हैं और इन्हें e-BIS के स्टैंडर्डाइजेशन पोर्ट से डाउनलोड किया जा सकता है. ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS), जो एक सरकारी क्वालिटी स्टैंडर्ड को तय करने वाली संस्था है, एक स्टैंडर्ड मार्क के साथ लाइसेंस जारी करती है, जिससे इकाई की पहचान की जा सके, जिसने एक निश्चित जगह पर प्रोडक्ट का निर्माण किया है.
खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट किया कि सरकार ने स्टार्टअप, माइक्रो इंडस्ट्री और महिला उद्यमियों के लिए प्रोडक्ट्स के नए BIS सर्टिफिकेशन पर 50 फीसदी छूट दी है. उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा लाइसेंस धारकों को 10 फीसदी अतिरिक्त छूट दी जाएगी, जिससे सरकार के वोकल फॉर लोकल कैंपेन को बढ़ावा मिलेगा.
बीआईएस के महानिदेशक प्रमोद कुमार तिवारी के मुताबिक, नए लाइसेंस के लिए छूट की पेशकश से ज्यादा कंपनियों के लाइसेंस और प्रमाणन व्यवस्था के दायरे में आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि नए लाइसेंस के लिए न्यूनतम सालाना अंकन मूल्य अलग अलग उत्पाद पर अलग- अलग हैं. उदाहरण के लिए पानी के लिए शुल्क करीब 1,60,000 रुपये है.

