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    Home»अन्य»जीएसटी नियमों में धारा 86-बी को जोड़ने का कैट ने किया विरोध
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    जीएसटी नियमों में धारा 86-बी को जोड़ने का कैट ने किया विरोध

    Finance KhabarBy Finance KhabarDecember 25, 2020No Comments2 Mins Read
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    The GST collection reached a record high of Rs 1.23 lakh crore in March. The Finance Ministry gave this information in a statement.
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    नई दिल्ली: व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जीएसटी नियमों में धारा 86-बी को जोड़ने का विरोध किया है। धारा 86-बी के तहत जिन व्यापारियों का मासिक टर्नओवर 50 लाख रुपये से ज्यादा है उन्हें 1 प्रतिशत जीएसटी नकद जमा कराना पड़ेगा। सरकार ने जाली बिल के जरिए टैक्स चोरी को रोकने के लिए यह उपाय किया है। लेकिन व्यापारियों ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

    कैट ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को एक पत्र भेजकर माँग की है कि इस नियम को तुरंत स्थगित किया जाए और व्यापारियों से सलाह के बाद ही इसे लागू किया जाए। कैट ने साथ ही माँग की है कि जीएसटी एवं आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख़ 31 दिसंबर 2020 को भी तीन महीने के लिए आगे बढ़ाया जाए। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने सीतारमन को भेजे पत्र में कहा है कि अब समय आ गया है सरकार व्यापारियों के साथ बैठकर जीएसटी कर प्रणाली की समीक्षा करे।

    उन्होंने कहा कि नियम 86 बी देश भर के व्यापारियों के कारोबार पर विपरीत असर डालेगा। कोरोना के कारण कारोबारी पहले से ही त्रस्त हैं और अब ऐसे में यह नया नियम व्यापारियों पर एक अतिरिक्त बोझ बनेगा। पिछले एक वर्ष से व्यापारियों का पेमेंट चक्र बुरी तरह बिगड़ गया है। लंबे समय तक व्यापारियों द्वारा बेचे गए माल का भुगतान और जीएसटी की रकम महीनों तक नहीं आ रही है। ऐसे में 1 प्रतिशत का जीएसटी नकद जमा कराने का नियम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा जो न्याय संगत नहीं है।

    gst
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