सरकार आगामी आम बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने के लिए खिलौना क्षेत्र के लिए एक प्रतिबद्ध नीति की घोषणा कर सकती है. सूत्रों ने कहा कि इस नीति से देश में उद्योग के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने और स्टार्टअप को आकर्षित करने में मदद मिलेगी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय पहले ही खिलौनों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहा है.
मंत्रालय ने क्षेत्र के लिए गुणवत्ता नियंत्रक आदेश जारी किया है, साथ ही पिछले साल खिलौनों पर आयात शुल्क बढ़ाया है. गुणवत्ता नियंत्रण आदेश से घरेलू बाजार में सस्ते कम गुणवत्ता वाले खिलौनों के प्रवाह को रोका जा सकेगा.
एक सूत्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलौना उद्योग में भारत की हिस्सेदारी काफी कम है. वैश्विक मांग में भारत के निर्यात का हिस्सा 0.5 फीसदी से भी कम है. ऐसे में इस क्षेत्र में काफी अवसर हैं. सूत्र ने कहा कि खिलौना क्षेत्र के लिए शोध एवं विकास और डिजाइन केंद्रों को भी प्रोत्साहन दिया जा सकता है. मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन से देश से खिलौना निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी. इस क्षेत्र में अभी चीन और वियतनाम जैसे देशों का दबदबा है. भारत का खिलौना निर्यात करीब 10 करोड़ डॉलर पर सीमित है.

