साल के आखिरी कारोबारी दिन भी भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को निराश किया । मंगलवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 109.12 अंकों की गिरावट के साथ 78,139.01 पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी सपाट कारोबार में 13.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,658.15 पर बंद हुआ। निफ्टी बैंक भी अंत में 65.75 अंकों की गिरावट के साथ 50,887.00 पर बंद हुआ। ब्लू-चिप पैक में से टेक महिंद्रा, जोमैटो, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एचसीएल टेक्नोलॉजीज मंगलवार को सबसे ज्यादा पिछड़े। कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा मोटर्स फायदे में रहे।
साल 2024 में निफ्टी में करीब 9 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जबकि सेंसेक्स में 8 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। छोटे और मध्यम आकार के शेयरों वाले व्यापक बाजार ने इस साल एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांकों में 20 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई।
एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 1,893.16 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एशियाई बाजारों में, शंघाई में गिरावट आई, जबकि हांगकांग में तेजी आई। नए साल की छुट्टियों के कारण टोक्यो और सियोल के बाजार बंद रहे। यूरोपीय बाजारों में ज्यादातर तेजी रही। सोमवार को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.46 प्रतिशत बढ़कर 74.34 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
मंगलवार को साल के अंत में एशियाई शेयरों में गिरावट आई, निवेशकों ने 2025 में अमेरिका में ब्याज दरों में भारी कटौती और आने वाले ट्रम्प प्रशासन के लिए कमर कस ली, जबकि डॉलर अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत रहा। चीन का ब्लू-चिप सीएसआई 300 इंडेक्स स्थिर रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.3 प्रतिशत बढ़ा।

