जियो प्लेटफॉर्म्स का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 23.4 प्रतिशत बढ़कर 6,539 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने बताया कि इस दौरान प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़कर 195.1 रुपये प्रति माह हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज का दूरसंचार और डिजिटल कारोबार शामिल है। सितंबर तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 18 प्रतिशत बढ़कर 31,709 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 16,563 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 16,563 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 17,394 करोड़ रुपये था। रिलायंस के खुदरा कारोबार और दूरसंचार इकाइयों का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन वैश्विक स्तर पर अधिक आपूर्ति के कारण रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कारोबार में मार्जिन प्रभावित हुआ है।
नतीजों को लेकर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश डी अंबानी ने कहा, ”मुझे खुशी है कि एक बार फिर रिलायंस ने दिखा दिया है कि हमारा व्यापक कारोबार ही हमारी ताकत है। हमारे डिजिटल कारोबार और तेल खोज एवं उत्पादन कारोबार ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है।” उन्होंने कहा, ”दुनिया में हो रहे बदलावों के कारण रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल (O2C) कारोबार को जो नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई डिजिटल और अपस्ट्रीम कारोबार (तेल खोज एवं उत्पाद) ने कुछ हद तक की है।” अंबानी ने कहा कि प्रति उपयोगकर्ता राजस्व में वृद्धि और ग्राहकों को जोड़ने के उपायों के कारण डिजिटल कारोबार में वृद्धि हुई। जियो एयर फाइबर की पेशकश ग्राहकों को पसंद आ रही है और इसके कारण ‘होम ब्रॉडबैंड’ में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 23.4 प्रतिशत बढ़कर 6,539 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने बताया कि इस दौरान प्रति उपयोगकर्ता औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़कर 195.1 रुपये प्रति माह हो गया। जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज का दूरसंचार और डिजिटल कारोबार शामिल है। सितंबर तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 18 प्रतिशत बढ़कर 31,709 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) का एकीकृत शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 16,563 करोड़ रुपये रह गया।
कंपनी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि चालू वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 16,563 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 17,394 करोड़ रुपये था। रिलायंस के खुदरा कारोबार और दूरसंचार इकाइयों का प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन वैश्विक स्तर पर अधिक आपूर्ति के कारण रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कारोबार में मार्जिन प्रभावित हुआ है।

