चीन सरकार द्वारा बाजार और अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए उठाए गए प्रोत्साहन उपायों के कारण वहां के शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। चीन में निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड काफी आकर्षक हो गए हैं और बंपर रिटर्न दे रहे हैं। इन म्यूचुअल फंडों ने महज एक हफ्ते में औसतन 21 फीसदी का रिटर्न दिया है। चीन के प्रोत्साहन पैकेज, ब्याज दरों में कटौती और लक्षित क्षेत्र समर्थन के कारण बाजार की धारणा काफी ऊपर चली गई है, जिसके कारण फंड काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो चीन केंद्रित फंड इस समय आकर्षक अल्पकालिक अवसर दिखा रहे हैं। चीनी सरकार द्वारा महत्वपूर्ण नीतिगत फैसलों के कारण रिटर्न में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक हफ्ते में चीन केंद्रित म्यूचुअल फंडों ने औसतन 21.39 फीसदी का रिटर्न दिया है। वहीं, कुछ फंडों ने 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न भी दिया है। मिरे एसेट हैंग सेंग टेक ईटीएफ एफओएफ ने पिछले एक हफ्ते में 33.43 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है। एडलवाइस ग्रेटर चाइना इक्विटी ऑफ-शोर फंड ने 17.26 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। एक्सिस ग्रेटर चाइना इक्विटी एफओएफ ने 15.61 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। निप्पॉन इंडिया ईटीएफ हैंग सेंग बीईएस ने 11.51 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकालिक दृष्टिकोण काफी आकर्षक है। लेकिन उन्होंने दीर्घकालिक दृष्टिकोण वाले निवेशकों को व्यापक आर्थिक परिदृश्य और अस्थिरता की संभावना को ध्यान में रखते हुए सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी है। चीनी शेयरों में यह जोरदार तेजी भारतीय बाजार को झटका दे सकती है। चीनी बाजार में इस तेजी का फायदा उठाने के लिए विदेशी निवेशक भारत से चीन का रुख कर सकते हैं। यानी भारत से फंड का बहिर्वाह हो सकता है। हम यह भी देख रहे हैं कि विदेशी निवेशकों ने पिछले हफ्ते भारतीय बाजार से बड़ी निकासी की है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, इस महीने 4 अक्टूबर तक FPI ने भारतीय इक्विटी में 27,142 करोड़ रूपये की बिक्री की।

