देश का रियल स्टेट सेक्टर इस साल बूम पर रहा, बावजूद इसके कि होम लोन मंहगा रहा, फिर घर खरीदने वालों पर मंहगे होम लोन का कोई असर नहीं दिखाई दिया और जमकर लोगों ने अपने सपनों के आशियाने को खरीदा। देश के सात प्रमुख शहरों में आवासीय प्रॉपर्टी बिक्री इस साल 31 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 4.77 लाख यूनिट पहुँच गयी है. कीमतों में औसतन 15 फीसदी की बढ़ोतरी और ऊंची ब्याज दरों के बावजूद यह बढ़ोतरी हैरान करने वाली है. टियर टू और थ्री शहरों में तो यह आंकड़ा और भी बड़ा होगा। विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना महामारी के बाद लोगों को घर का महत्त्व समझ में आया है जिसकी वजह से ये उछाल नज़र आ रहा है.
इस कैलेंडर वर्ष की बात करें तो आवासीय बिक्री 4,76,530 यूनिट रही। जो कि किसी भी कैलेंडर वर्ष में अब तक की सबसे ज़्यादा है। 2022 की बात करें तो 3,64,870 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक 2023 भारतीय आवासीय क्षेत्र के लिए एक महान वर्ष रहा है। टॉप के सात शहरों में आवासीय प्रॉपर्टीज की बिक्री पिछले उच्च स्तर को पार कर गई। विशेषज्ञों के मुताबिक पहले ऐसी आशंकाएं थीं कि बढ़ती संपत्ति की कीमतें और ब्याज दरों के साथ-साथ वैश्विक बाजार की अनिश्चितताएं मकानों की बिक्री को प्रभावित करेंगी।
टॉप सात शहरों में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की गई। दूसरे स्थान पर पुणे रहा. मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बिक्री 40 प्रतिशत बढ़कर 1,53,870 इकाई हो गई, जो पिछले साल 1,09,730 इकाई थी। वहीँ पुणे में आवासीय बिक्री 52 प्रतिशत बढ़कर 86,680 यूनिट हो गई। दिल्ली-एनसीआर में बिक्री पिछले साल के 63,710 यूनिट्स की तुलना में बढ़कर 65,625 यूनिट्स हो गई। बेंगलुरु में आवासीय बिक्री 29 प्रतिशत बढ़कर 63,980 इकाई हो गई। कोलकाता में बिक्री नौ प्रतिशत बढ़कर 23,030 इकाई हो गई। चेन्नई में इस वर्ष 34 प्रतिशत बढ़कर 21,630 इकाई हो गई।

