भारतीय शेयर बाजार इस समय बूम बूम है, हर तरह खरीदार ही खरीदारी नज़र आ रही है। बाजार अपने सर्वकालिक ऊंचाई पर है, ऐसे में बाजार के विशेषज्ञ थोड़ा सतर्क हैं और अगले हफ्ते बाजार के दायरे को सीमित रख रहे हैं. उनका कहना है कि एक तो बाजार ऊंचाई पर है और दूसरे अगला हफ्ता छुट्टियों वाला है, लोग छुट्टियां मनाने के मूड में होंगे, ऐसे में बाजार में एक सीमित दायरे में उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
जानकारों के मुताबिक़ शेयर बाजार पर क्रिसमस का असर दिख सकता है, जिन लोगों ने चाहते बाजार में मोटा मुनाफा कमाया है वो मुनाफावसूली करते हुए दिख सकते हैं. पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 376.79 अंक गिर गया जबकि एनएसई निफ्टी 107.25 अंकइसके बावजूद 20 दिसंबर को कारोबार के दौरान दोनों बेंचमार्क इंडेक्स अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए थे. जानकारों का मानना है कि बाजार पिछले कुछ समय से रिकॉर्ड बनाने की होड़ में थे. ऐसे में मुनाफावसूली के रूप में इस पर अंकुश लगने की संभावना थी. यही कारण है कि लगातार सात सप्ताह की तेजी के बाद यह सप्ताह गिरावट के साथ समाप्त हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सीमित संकेतों के साथ दिसंबर वायदा और अनुबंध सौदों की समाप्ति से बाजार में अस्थिरता की स्थिति आ सकती है। भारत के इक्विटी बाजार का मूल्यांकन अधिक है, लेकिन केंद्र में स्थिर सरकार की संभावना फिलहाल सेंसेक्स और निफ्टी को ऊंचा रख सकती है। क्रिसमस के मौसम में इस सप्ताह बाजार सीमित दायरे में रहेगा.

