नई दिल्ली: निजी क्षेत्र के HDFC बैंक का सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (MSME) क्षेत्र को लोन दिसंबर के अंत तक सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया. बैंक को इसमें सरकार की आपात ऋण सुविधा गारंटी (ECLG) योजना से मदद मिली. महामारी के दौरान MSME क्षेत्र को मदद के लिए लाई गई इस योजना के तहत बैंक ने 23,000 करोड़ रुपये से अधिक का लोन वितरित किया.
बैंक ने शुक्रवार को बयान में कहा कि MSME क्षेत्र को लोन की वृद्धि में अर्द्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों पर विशेष ध्यान देने से मदद मिली. दिसंबर, 2019 में बैंक का एमएसएमई क्षेत्र को लोन 1.4 लाख करोड़ रुपये था. दिसंबर, 2020 में समाप्त तिमाही के अंत तक यह 30 फीसदी बढ़कर 2,01,758 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
बैंक के वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष-कारोबार बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवा वित्त सुमंत रामपाल ने कहा, ‘‘एमएसएमई क्षेत्र को हमारा लोन कोविड-19 के पूर्व स्तर पर पहुंच गया है. दिसंबर, 2020 में समाप्त तिमाही में यह सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 2,01,758 करोड़ रुपये रहा है.’’
उन्होंने कहा कि ECLG योजना का लोन बुक में सबसे ज्यादा योगदान रहा. करीब 1.10 लाख एमएसएमई ग्राहकों को 23,000 करोड़ रुपये के लोन दिए गए. इसके अलावा, महामारी के दौरान बैंक ने सेमी अर्बन और रूरल क्षेत्रों के ग्राहकों पर फोकस किया. इसमें 60,000 करोड़ रुपये ज्यादा के लोन दिए गए. उन्होंने बताया कि बीते तीन से चार महीने के दौरान अधिकांश ECLG योजना के तहत लोन दिए गए.

