भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी),उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए देश के पांच राज्यों में 100 स्वावलंबन कनेक्ट केंद्र स्थापित करने जा रहा है। सिडबी के मिशन स्वावलंबन के अंतर्गत यह पहल इस उद्देश्य के लिए है कि समाज में अधिकाधिक लोग नौकरी सृजित करने वाले बनें। इस पहल के अंतर्गतशामिल किए जाने वाले पांच राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओड़िशा और तेलंगाना होंगे।
ये 100 स्वावलंबन कनेक्ट केन्द्र,7,000 उद्यमों को एकदम शुरूवाती स्तर से स्थापित करने में मदद करेंगे और मौजूदा आजीविका / उद्यमों को विकसित करने के लिए भी सहायता प्रदान करेंगे। सिडबीने इस पहल को सुसाध्य बनाने के लिए लिये लेट्सइंडोर्स डेवलेपमेन्ट प्राइवेट लिमिटेड को अपने साथ जोड़ा है। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य जागरूकता के चरण से आगे बढ़कर, उद्यम स्थापित करने और उद्यम संबंधी पृच्छाओं को उचित समर्थनसहित मदद देकर उन्हें उद्यम स्थापित करने में सहायता प्रदान करने और हैंडहोल्डिंग प्रदान कर अंतराल को पाटने, ऋण प्राप्ति में सहायता करने आदि प्रकार्यों के द्वारा मिशन स्वावलंबन को सुदृढ़ बनाना है।
इस अवसर पर सिडबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री मोहम्मद मुस्तफा, आईएएस ने कहा, “यह पहल हमारे सिडबीविज़न 2.0 का एक हिस्सा है जिसके अंतर्गत मिशन स्वावलंबन हमारी एक सर्वसमावेशी पहल है। इस कदम का उद्देश्य जागरूकता से आगे बढ़कर उद्यमियों के सपनों को मूर्त रूप में साकार किए जाने हेतु समर्थन प्रदान किए जाने से है। हमारा लक्ष्य युवाओं और असेवित / अल्प-सेवित उप-क्षेत्रों तक पहुँचकर सर्जित हो रहे नए भारत के लिए उन्हें तैयार करना है।”
सिडबी ने एक टोल-फ्री मिस्ड कॉल सेवा (1800-200-1265) भी शुरू की है, जिस पर इच्छुक उद्यमी उद्यम लगाने से संबंधित सहायता के लिए मिस्ड कॉल दे सकते हैं। यह सेवा 1 नवंबर, 2019 से चालू हो जाएगी। कॉल किए जाने के स्थान के पोस्टल इंडेक्स नंबर (पिन) के आधार पर वांछित सहायता के लिए लीड / कॉल को निकटतम एससीकेको आगे निर्देशित किया जाएगा।
युवाओं के बीच उद्यमशीलता की संस्कृति को बढ़ावा देने के खातिर, जिससे उन्हें नौकरी की आकांक्षा रखने के बजाय रोजगार सृजक बनने की प्रेरणा मिले, उद्यमशीलता पर प्रेरक और प्रेरणादायक वीडियो और जिंगल एससीके के डिस्प्ले पैनल और एससीके और रेडियो चैनलों के डिजिटल प्लेटफॉर्म / ऑनलाइन पोर्टल पर प्रदर्शित किए जाएंगे। एससीके द्वारा युवाओं को शिविरों के माध्यम से अनुभव साझा करने की प्रविधि, बैंकरों सहित हितधारकों के बीच विषय-संकेंद्रित समूह चर्चा, उद्यम स्थापित करने के लिए समर्थन, क्रेडिट लिंकेज, स्थानीकृत परियोजना प्रोफाइल आदि के बारे में भी मदद प्रदान की जाएगी।

