नई दिल्ली: सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी इन्फोसिस के चेयरमैन नदंन नीलेकणि ने कहा है कि ऋण जुटाने में सहायक कोई खुला आनलाइन नेटवर्क स्थापित कर के कर्ज बाजार में लोकतंत्र कायम किया जा सकता है। उनका कहना है कि इससे इससे छोटी कंपनियों और उद्यमियों को ऋण जुटाने में आसानी होगी। देश में आधार के ‘वास्तुकार’ नीलेकणि ने कहा कि यह नेटवर्क ऋणदाताओं और मार्केटप्लेस को जोड़ेगा। इस पर काम चल रहा है।
ग्लोबल फिनेटक फेस्ट, 2020 को संबोधित करते हुए नीलेकणि ने कहा कि करीब एक दशक पहले भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के जरिये भारत एक दशक पहले वित्तीय प्रौद्योगिकी नवोन्मेषण का एक बड़ा केंद्र बन चुका है। आईएमपीएस, फास्टैग और यूपीआई जैसे उत्पादों ने लेनदेन को काफी सरल किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अब एक नई चीज तैयार की जा रही है जो कर्ज दिलाने में सहायक एक खुला टटवर्क या ओसीईएल कहा जाएगा।

