ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म जोमैटो घरेलू लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्रदाता शिपरॉकेट का अधिग्रहण करने जा रही है. ये अधिग्रण करीब 2 अरब डॉलर से ज्यादा में होने जा रहा है, हालाँकि सौदे पर कोई अंतिम निर्णय अभी तक नहीं लिया गया है।
बता दें कि अगस्त 2022 में ज़ोमैटो समर्थित शिपरॉकेट ने 33.5 मिलियन डॉलर जुटाए जिससे इसका मूल्यांकन लगभग 1.2 बिलियन डॉलर हो गया। अगस्त में ही ज़ोमैटो ने क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट और उसके वेयरहाउसिंग और सपोर्ट सर्विसेज व्यवसाय का अधिग्रहण पूरा किया। जोमैटो के बोर्ड ने ब्लिंकिट जो पूर्व में ग्रोफर के नाम से जानी जाती थी के अधिग्रहण के लिए 4,447 करोड़ रुपये के लेनदेन को मंजूरी दी थी। ये सहायक कारोबार 61 करोड़ रुपये में खरीदा गया था.
इस साल जोमैटो के शेयर उड़ान भर रहे हैं और 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर है। कंपनी के शेयरों ने इस साल जनवरी से दिसंबर तक निवेशकों 117.47% का रिटर्न दिया है। कंपनी का शेयर जो जनवरी में 46 रुपये था चढ़कर अब 128 रुपये के पार पहुंच गया है. पिछले कारोबारी सत्र में भी शेयर 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ा और आज भी 126 और 131 के बीच ट्रेड कर रहा है. बाजार विशेषज्ञों कहते हैं कि शेयरों में तेजी का रुख जारी रह सकता है. कंपनी चूँकि मुनाफे में पहुंच रही हैइसलिए इसका असर शेयरों पर भी दिख रहा है.
बता दें कि शिपरॉकेट खुदरा विक्रेताओं को शॉपिफाई, मैगेंटो, वूकॉमर्स, ज़ोहो और अन्य पर अपनी शॉपिंग वेबसाइटों को एकीकृत करने में मदद करने के लिए एक प्रौद्योगिकी स्टैक प्रदान करता है जो 2017 में लांच किया गया था। इस कंपनी के देश भर में स्थित 45 से अधिक गोदाम है. पिछले हफ्ते टेकक्रंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु मुख्यालय वाले शिपरोकेट का लक्ष्य अगले 12 से 18 महीनों में आईपीओ के लिए तैयार होना है।

