चढ़ते हुए शेयर बाजार में में पिछले कुछ दिनों से रियल एस्टेट कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है। बुधवार को भी निफ्टी रियल्टी इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया। प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स, सोभा लिमिटेड, फीनिक्स मिल्स, डीएलएफ लिमिटेड और मैक्रोटेक डेवलपर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 0.35 फीसदी की गिरावट के साथ 1118.85 पर कारोबार करता नजर आया। गौर करने वाली बात ये है कि इस गिरावट का ये मतलब तो नहीं कि रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट आने वाली है.
चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में टॉप-10 शहरों में रियल्टी बिक्री वॉल्यूम में 8 फीसदी की गिरावट आई है। कोरोना महामारी के बाद प्रॉपर्टी मार्केट में आई तेजी अब धीमी पड़ती नजर आ रही है। प्रॉपइक्विटी के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में देश के नौ प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 18 फीसदी घटकर 1,04,393 यूनिट रहने का अनुमान है। एक साल पहले समान अवधि में यह 1,26,848 यूनिट थी। हैदराबाद में घरों की बिक्री में सबसे ज्यादा 42 फीसदी की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद बेंगलुरु में 26 फीसदी, कोलकाता में 23 फीसदी, पुणे में 19 फीसदी, चेन्नई में 18 फीसदी, मुंबई में 17 फीसदी और ठाणे में 10 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, प्रॉपर्टी मार्केट में डेवलपर्स लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रहे हैं। इससे किफायती प्रॉपर्टी की भारी कमी हो गई है। दूसरी तरफ, पिछले 2 सालों में कीमतों में 50 से 70 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। बड़े शहरों में 2 BHK फ्लैट की कीमत करोड़ों में पहुंच गई है। इसके चलते मध्यम वर्ग और कामकाजी वर्ग अब चाहकर भी प्रॉपर्टी नहीं खरीद पा रहा है। लोग लोन लेकर प्रॉपर्टी खरीदने से भी कतरा रहे हैं। इसके चलते बाजार से एंड यूजर गायब हो रहे हैं और मांग घट रही है।

